Prince Yadav Death Case: ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत अब रहस्य बन गई है. परिवार इसे हत्या बता रहा है, जबकि उनके साथ मौजूद दोस्तों का कहना है कि प्रिंस मानसिक तनाव में थे और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने से उनकी जान गई. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है.
कोचिंग संस्थान की रीढ़ थे प्रिंस
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालन में प्रिंस यादव की महत्वपूर्ण भूमिका थी. जहां रौशन आनंद पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों को संभालते थे, वहीं संस्थान की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था प्रिंस देखते थे.
नामांकन से लेकर शिक्षकों की नियुक्ति, पेमेंट और नए ब्रांच के विस्तार तक हर बड़े फैसले में उनकी भूमिका रहती थी. बताया जाता है कि संस्थान को एक शाखा से तीन शाखाओं तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान था. वे आने वाले समय में जिला परिषद चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे थे.
विवादों के बीच नेपाल पहुंचे थे
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों को लेकर हुए विवाद और दर्ज प्राथमिकी के बाद प्रिंस काफी दबाव में थे. इसी बीच 3 जून को वह अपने कुछ करीबी साथियों के साथ नेपाल के विराटनगर चले गए. वहां पहले एक होटल में रुके और बाद में दूसरे होटल में शिफ्ट हो गए. उनके साथ गए दोस्तों का दावा है कि गिरफ्तारी की आशंका और बढ़ते तनाव की वजह से प्रिंस मानसिक दबाव में थे.
मौत से पहले क्या हुआ?
प्रिंस के दोस्तों के अनुसार घटना वाले दिन उन्होंने सामान्य रूप से खाना खाया. इसके बाद नियमित दवा लेकर आराम करने चले गए. कुछ साथी बाहर घूमने निकल गए, जबकि दो लोग कमरे में मौजूद थे. दोस्तों का कहना है कि थोड़ी देर बाद प्रिंस की सांसें असामान्य हो गईं. इसके बाद सभी को सूचना दी गई और आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल ले जाया गया. हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
परिवार बोला- यह हत्या है
प्रिंस यादव की मौत के बाद उनके बड़े भाई रौशन आनंद ने इसे हत्या बताया है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ लोगों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. परिवार का दावा है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी. परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
गांव में पसरा मातम
नेपाल से पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रिंस सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते थे और कम उम्र में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी. उनकी मौत के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है. लोग लगातार यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर नेपाल के होटल के कमरे में ऐसा क्या हुआ, जिससे एक युवा कोचिंग प्रबंधक की जान चली गई.
जांच रिपोर्ट से खुलेगा राज
फिलहाल प्रिंस यादव की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ भी साफ नहीं है. नेपाल पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत थी, किसी बीमारी का परिणाम थी या फिर इसके पीछे कोई साजिश थी.
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