भाई की तेरहवीं पर रौशन आनंद बोले- फैजल खान ने मेरे भाई को मरवाया, मुझे झूठे केस में जेल भेजा गया

Khan Sir-Raushan Anand Controversy: रौशन आनंद ने सहरसा में अपने भाई प्रिंस यादव की तेरहवीं के दौरान मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि मेरे भाई प्रिंस को फैजल खान ने मरवाया. भाई की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल उठाए.

Khan Sir-Raushan Anand Controversy: ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद ने एक बार फिर खान सर के साथ चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है. बुधवार को वह अपने छोटे भाई प्रिंस यादव की तेरहवीं में शामिल होने सहरसा पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कई गंभीर आरोप लगाए. रौशन आनंद ने कहा कि उन्हें झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया. उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

भाई की मौत को लेकर उठाए सवाल

रौशन आनंद ने दावा किया कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई. उन्होंने कहा कि अब तक नेपाल से पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है. मेरे भाई की हत्या फैजल खान उर्फ खान सर ने कारवाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए. साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में एक बार फिर दोहराया कि दुनिया कुछ भी माने लेकिन मैं इस बात को मानता हूं कि मेरे भाई का हत्यारा फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोरेज का मालिक आर एस प्रसाद है.

‘मीडिया में बयानबाजी कर दर्ज कराई गई FIR’

रौशन आनंद ने कहा कि उनके और उनके भाई के खिलाफ गलत तरीके से एफआईआर दर्ज कराई गई. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई. उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद उनका भाई मानसिक रूप से काफी परेशान हो गया था. वहीं उन्हें भी जमानत मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

‘मेरी FIR दर्ज नहीं की गई’

रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने भाई की मौत को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की. उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहते हैं कि उनकी शिकायत पर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए.

पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

रौशन आनंद ने कहा कि 2 जून की रात कोचिंग संस्थान पर हमले के मामले में उनके खिलाफ तेज़ी से कार्रवाई हुई. उन्होंने दावा किया कि कुछ ही घंटों में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. वहीं, दूसरी ओर उनकी शिकायतों पर समान गति से कार्रवाई नहीं हुई. इसी बात को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए.

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मेडिकल जांच को लेकर लगाए आरोप

रौशन आनंद ने अपनी गिरफ्तारी के दौरान मेडिकल जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए. उनका कहना है कि उन्हें बिना समुचित मेडिकल परीक्षण के फिट घोषित कर जेल भेज दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि उनका ब्लड प्रेशर अधिक था, फिर भी आवश्यक जांच नहीं कराई गई. उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

निष्पक्ष जांच की मांग

रौशन आनंद ने कहा कि उनके भाई की मौत और उनसे जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सच सामने आना जरूरी है, ताकि सभी सवालों के जवाब मिल सकें. उन्होंने सरकार और प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की अपील की है.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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