सिस्टम होगा हाई-स्पीड; अब मात्र 7 सेकेंड में मिलेगा रेलवे रिजर्वेशन टिकट, दानापुर मंडल में ट्रायल शुरू

Patna Train Ticket : पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल समेत पांचों मंडलों में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है. इसके तहत जल्द ही अनारक्षित टिकट खिड़कियों पर लगे कंप्यूटर सिस्टम को अपग्रेड कर दिया जायेगा.

पटना से आनंद तिवारी की रिपोर्ट
Patna Train Ticket : अब सिर्फ सात सेकेंड में रेलवे रिजेर्वेशन टिकट बुक हो जाएगा. सिस्टम को हाई-स्पीड बनाने के लिए दानापुर मंडल में इसके लिए ट्रायल शुरू कर दिया गया है. दानापुर मंडल के पटना जंक्शन, दानापुर समेत प्रमुख स्टेशनों से आरक्षण टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. क्योंकि अब आरक्षित के बाद जल्द ही अनारक्षित टिकट सिस्टम में भी बदलाव देखने को मिलेगा. काउंटरों पर दोगुना रफ्तार से टिकटों की बुकिंग हो सकेगी.

पटना व दानापुर स्टेशन पर सिस्टम को अपग्रेड किया

पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल समेत पांचों मंडलों में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया गया है. इसके तहत जल्द ही अनारक्षित टिकट खिड़कियों पर लगे कंप्यूटर सिस्टम को अपग्रेड कर दिया जायेगा. इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि ट्रायल के लिए पटना जंक्शन और दानापुर स्टेशन पर लगे कुछ सिस्टम को अपग्रेड भी कर दिया गया है.

अभी 13 से 15 सेकेंड लगते हैं, अब लगेंगे 7 सेकेंड

दानापुर मंडल के अधिकांश स्टेशनों पर यात्रियों की अधिक भीड़ व लोड ज्यादा होने के चलते वर्तमान में 13 से 15 सेकेंड का समय एक टिकट बुकिंग करने में लगा है. वहीं अब नये सिस्टम में यह समय घटकर मात्र 6 से 7 सेकेंड पर आ जायेगा. वहीं जानकारों की माने तो मौजूदा रिजर्वेशन सिस्टम को साल 1986 में शुरू किया गया था. हालांकि समय-समय पर इसमें कुछ बदलाव किए गए, लेकिन अब बढ़ती टिकट बुकिंग और डिजिटल जरूरतों को देखते हुए इसे पूरी तरह आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किया गया है. रेलवे ने साल 2002 में इंटरनेट आधारित टिकट बुकिंग शुरू की थी. रेलवे के अनुसार अब करीब 88 प्रतिशत टिकट डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए जनरल, आरक्षण, प्लेटफॉर्म आदि सभी तरह के टिकट बुक किए जाते हैं.

एआइ से आरक्षित टिकट प्रणाली में भी होंगे बदलाव

रेलवे आरक्षण में अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) सिस्टम आ रहा है और इस वजह से कई बदलाव हो रहे हैं. उन्हीं में एक अहम बदलाव टिकटिंग सिस्टम होगा. वर्तमान में जैसे आईआरसीटीसी की ओर से बुक कराया टिकट सिर्फ मैसेज पर ही मान्य हो जाता है. वैसे ही रेलवे आरक्षण काउंटर से भी टिकट लेने पर मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा जिस पर यात्रा मान्य होगी. वर्तमान समय में टिकटों की बुकिंग में सबसे अधिक करीब 81 प्रतिशत हिस्सेदारी आईआरसीटीसी की है. काउंटरों से जारी होने वाली टिकटों की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत ही है.

45 प्रतिशत टिकट काउंटर 55 प्रतिशत एटीवीएम से

वर्तमान में पटना जंक्शन से रोजाना औसतन 25 से 30 हजार से अधिक जनरल टिकटों की बुकिंग होती है. इसमें करीब 55 प्रतिशत एटीवीएम (आटोमेटिक टिक वेंडिंग मशीन) से जबकि करीब 45 प्रतिशत टिकट काउंटर से टिकटों की बुकिंग हो रही है. वहीं जानकारों की माने तो आगामी अगस्त 2026 से शुरू होने वाले नए एआई आधारित रिजर्वेशन सिस्टम के बाद रेलवे को उम्मीद है कि टिकट बुकिंग प्रक्रिया ज्यादा तेज, आसान और भरोसेमंद होगी.

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Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार डिजिटल कंटेंट राइटर राजीव कुमार ( डिजिटल कंटेंट राइटर) राजीव कुमार वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. मई 2026 में प्रभात खबर के डिजिटल विंग से जुड़े हैं. पत्रकारिता में न्यूज डेस्क पर काम करने का तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर में जुड़ने से पहले हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर में काम कर चुके हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बिहार से जुड़ी खबरों को करते हैं.जिले की खबरों समेत लोकल खबर पर नजर बनाए रखते हैं. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

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