राहुल गांधी के बिहार दौरे के बीच VIP ने ठोकी ताल, डिप्टी सीएम पद समेत इतनी सीटों की कर दी मांग

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने सोमवार को बिहार आये. बेगूसराय में राहुल ने कन्हैया कुमार की पदयात्रा में भाग लिया. कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि इस दौरान हजारों लोग शामिल हुए. इसी बीच महागठबंधन में साथी दल VIP ने 60 सीट पर चुनाव लड़ने का दावा किया है.

Rahul Gandhi: बिहार में इस साल होने वाले चुनाव को लेकर राजनितिक पारा हर रोज हाई हो रहा है. सोमवार को राहुल गांधी बिहार आये. यहां उन्होंने कई बैठक में भाग लिया. चुनावी तैयारियों के मद्देनजर राहुल गांधी का यह दौरा अहम माना जा रहा है. इसी बीच महागठबंधन में शामिल VIP ने 60 सीटों पर चुनाव लड़ने और डिप्टी सीएम पद की मांग की है.

क्या बोले VIP प्रवक्ता

VIP के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने बताया कि हाल ही में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 60 सीटों पर चुनाव लड़ने के प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ा समाज से आने वाले तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए, और अतिपिछड़ा समाज से मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने पर भी किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

क्या बोले थे पार्टी प्रमुख

पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी ने कहा था, “पार्टी अपनी पहचान बना चुकी है. पार्टी के साथ आठ से दस प्रतिशत वोट हैं. बिहार में वीआईपी 150 सीटों पर निर्णायक भूमिका में है. इन सीटों पर हम परिणाम प्रभावित करने की ताकत रखते हैं. इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी 60 सीटों पर लड़ेगी. शेष सीट हम सहयोगियों के लिए छोड़ेंगे.”

उन्होंने आगे कहा था, “हम टिकट मांगने वाले नहीं, बांटने वाले हैं. हम 243 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि समझौता हो. हमारे लिए गठबंधन जरूरी है. उन्होंने सहयोगियों को भरोसा देते हुए कहा कि जहां पर हमारे सहयोगी लड़ेंगे, वहां हम उन्हें जीत दिलाने में मदद करेंगे.”

इसे भी पढ़ें: Bihar Rain Alert: बिहार के 24 जिलों में लगातार 48 होगी बारिश! IMD ने मेघगर्जन और वज्रपात पर किया येलो अलर्ट जारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >