‘पटना में 43 बीघा जमीन और महुआ बाग में किला’, बंगला विवाद के बीच जेडीयू ने गिनाई लालू परिवार की संपत्ति

Rabri Devi Bunglow Row: पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. राबड़ी देवी के बंगला खाली करने से इनकार के बाद जेडीयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर एक सरकारी आवास को लेकर इतनी जिद क्यों की जा रही है.

Rabri Devi Bunglow Row: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद की नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड वाले सरकारी आवास को लेकर चल रहा विवाद जारी है. सम्राट चौधरी सरकार ने यह बंगला कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया है, जबकि राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड पर नया बंगला दिया जा चुका है. इसके बावजूद राबड़ी देवी ने पुराना घर खाली करने से साफ मना कर दिया है. राबड़ी देवी के इस रुख पर अब जेडीयू ने राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि आखिर उन्हें एक सरकारी घर के लिए इतनी ज्यादा बेचैनी क्यों है? क्या 10 नंबर बंगले के भीतर कोई गुप्त खजाना गड़ा हुआ है?

राबड़ी देवी पूरी तरह गलत लड़ाई लड़ रही हैं: नीरज कुमार

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल और लालू परिवार पर कई आरोप लगाए. जेडीयू प्रवक्ता ने पटना में मीडिया के सामने लालू परिवार की जमीनों और मकानों का पूरा ब्योरा गिना दिया. नीरज कुमार ने कहा कि राबड़ी देवी के पास अकेले पटना शहर में ही करीब 43 बीघा की कीमती जमीन मौजूद है. इसके अलावा कौटिल्य नगर में उनका अपना निजी मकान है और महुआ बाग इलाके में तो उनका पूरा एक किला बना हुआ है.

जब उनके पास निजी संपत्तियों का इतना बड़ा अंबार है, तो फिर राबड़ी देवी को एक अदद सरकारी घर छोड़ने में इतनी तकलीफ और बेचैनी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि अगर राबड़ी देवी किसी गरीब बेघर को प्रधानमंत्री आवास दिलाने के लिए इस तरह की कोई लड़ाई लड़तीं, तो बात समझ में भी आती, लेकिन यहां तो वह पूरी तरह से एक गलत और अनुचित लड़ाई लड़ रही हैं.

चुनाव हारेंगे तो सरकारी घर खाली करके चले जाएंगे, नियम सबके लिए एक है

नीरज कुमार ने नेताओं के लिए बने नैतिक नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आज अगर हम लोगों का सरकारी मकान बदल दिया जाए, तो हम बिना किसी हंगामे के तुरंत वहां से हट जाएंगे. लोकतांत्रिक व्यवस्था का यही नियम है कि हम जब तक चुनाव जीतकर सत्ता में रहेंगे, तब तक सरकारी आवास में रहने का हकदार होंगे.

जैसे ही हम चुनाव हार जाएंगे, वैसे ही सरकारी आवास को पूरी तरह खाली करके सम्मान के साथ अपने निजी घर चले जाएंगे. उन्होंने लालू परिवार को नसीहत देते हुए कहा कि जो नियम और कानून बनाए गए हैं, वे राज्य के सभी नागरिकों और नेताओं के लिए बिल्कुल एक समान हैं. इसमें किसी के लिए कोई वीआईपी छूट नहीं हो सकती.

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तेजस्वी यादव किस हैसियत से रह रहे हैं राबड़ी आवास में: नीरज कुमार

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पूछा कि तेजस्वी यादव आखिर किस हैसियत से राबड़ी आवास के भीतर रह रहे हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पटना में 43 बीघा जमीन के मालिक होने के बावजूद ये लोग एक सरकारी मकान के लिए अपनी जान दे रहे हैं. राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला हुआ है और उसी दर्जे के हिसाब से सरकार ने उन्हें नया आवास भी अलॉट किया है. इसके बाद भी वे जबरन 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले में जमे रहना चाहती हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और गैरकानूनी है.

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Published by: Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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