कोरोना से जंग : पटना के दो दर्जन होटल बनेंगे क्वारेंटाइन सेंटर, फिलहाल पटना में होम क्वारेंटाइन की संख्या 3843

बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले के बाद अब पटना के दो दर्जन होटलों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया जायेगा. इसके अलावे कई सरकारी भवनों व विभागों को भी क्वारेंटाइन सेंटर में तब्दील किया जायेगा.

पटना : बिहार में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले के बाद अब पटना के दो दर्जन होटलों को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया जायेगा. इसके अलावे कई सरकारी भवनों व विभागों को भी क्वारेंटाइन सेंटर में तब्दील किया जायेगा. इसे लेकर होटलों के मालिकों के साथ जिलाधिकारी कुमार रवि की वार्ता मंगलवार को आयोजित की गयी है. बताया जाता है कि फिलहाल पटना जिले में होम क्वारेंटाइन की संख्या 3843 है, जबकि विदेश यात्रा से आने वाले व्यक्तियों की संख्या 937 है. इनमें से 107 का सत्यापन पूरा कर लिया गया है. बाकी के पहचान के लिए प्रखंड व नगर निकायों से प्राप्त डाटा का सत्यापन किया जा रहा है.

जिला अतिथि गृह, बामेती, यूथ क्लब, यूनिवर्सिटी हॉस्टल, रेलवे गेस्ट हाउस, बीएसएनएल गेस्ट हाउस आदि की पहचान : सरकार द्वारा विकसित एप से भी सूची का सत्यापन कराया जा रहा है और अद्यतन डाटा की अपलोडिंग आपदा प्रबंधन विभाग के वेबसाइट पर किया जा रहा है. बताया जाता है कि होटल से लेकर सरकारी भवन तक को क्वारेंटाइन सेंटर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कुछ जगहों को फाइनल कर दिया गया है. डीएम कल होटल प्रबंधकों के साथ बैठक करेंगे और शाम तक इस संबंध में फैसला हो जायेगा. इसके अलावे सरकारी भवन के रूप में जिला अतिथि गृह, बामेती, बाल्मी, यूथ क्लब, यूनिवर्सिटी हॉस्टल, रेलवे गेस्ट हाउस, बीएसएनएल गेस्ट हाउस आदि की पहचान की गयी है. इन तमाम जगहों पर भोजन व आवासन की सुविधा उपलब्ध रहेगी.

विदेश से पटना आये 937 में 107 का हुआ सत्यापन, प्रशासन की नजर

पटना : खाड़ी व अन्य देशों से फरवरी और मार्च माह में पटना पहुंचे 107 लोगों की पहचान कर ली गयी है. इन सभी पर जिला प्रशासन की नजर है. इनका पूरा डिटेल जिला प्रशासन व सिविल सर्जन के पास उपलब्ध है. इन सभी की जांच कराने की प्रक्रिया की जा रही है. इसके साथ ही इन्हें घर में ही एकांत में रहने का आग्रह किया गया है. इसके साथ ही विदेशों से लौटे अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है. पूरे बिहार में विदेशों से आये 2376 लोगों की फिलहाल पहचान की गयी है.

जिसमें पटना जिले के 107, भागलपुर के 135, अररिया के दो, औरंगाबाद के पांच, सुपौल के तीन, मधेपुरा के 11, पूर्वी चंपारण के 70, पश्चिमी चंपारण के 74, सारण के 96, गया के 135, मधुबनी 95, मुजफ्फरपुर के 173, रोहतास के 10, समस्तीपुर के 105, वैशाली के 6, पूर्णिया के एक, दरभंगा के 28, कटिहार के तीन, नवादा के 43, बेगूसराय के सात,नालंदा के 206, बक्सर के पांच, मुंगेर के 18, अरवल के एक, जहानाबाद के 20, कैमूर के 12, बांका के चार, लखीसराय के एक, शिवहर के चार व सहरसा के पांच शामिल हैं.

गर्दनीबाग से एक को जांच के लिए ले जाया गया : जिला प्रशासन के साथ ही चिकित्सकों की टीम गर्दनीबाग इलाके से एक व्यक्ति की जांच के लिए पहुंची. प्रशासन व चिकित्सकों की टीम को देखकर लोगों में हड़कंप मच गया. हालांकि टीम ने लोगों को बताया कि इनकी केवल जांच करानी है. तब मामला शांत हुआ. जांच के बाद उस व्यक्ति को घर पहुंचाया गया.

40 संदिग्ध लोग कराये गये भर्ती तीन आइसीयू में

पटना. कोरोना संक्रमण की आशंका में विभिन्न अस्पतालों में सोमवार को 40 लोगों को भर्ती कराया गया है. अभी तक ऐसे भर्ती लोगों की संख्या कुल 151 हो गयी है. इधर, राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों से कुल 869 सैंपल जांच के लिए आरएमआरआइ और आइजीआइएमएस में भेजे गये हैं. जांच के बाद 840 सैंपल निगेटिव पाये गये हैं, जबकि 11 की रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है. इधर, आरएमआरआइ,पटना में सोमवार को चार बजे तक कुल 136 नमूनों की जांच की गयी.

आरएमआरआइ में 182 सैंपल की जांच, सभी निगेटिव

पटना सिटी. अगमकुआं स्थित राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान में कोरोना की बीमारी के संदिग्ध 182 मरीजों के सैंपल की जांच सोमवार को की गयी. सभी रिपोर्ट निगेटिव आयी है. संस्थान के निदेशक डॉ प्रदीप कुमार दास ने बताया कि बीते छह मार्च से लेकर अब तक लगभग 957 सैंपल जांच के लिए संस्थान में पहुंचे हैं. इसमें अब तक 11 में बीमारी की पुष्टि हुई है. बीमार सात का उपचार एनएमसीएच में चल रहा है. निदेशक ने बताया कि संस्थान में तीन पालियों में यह जांच करायी जा रही है.

आइसोलेशन वार्ड में 16 संदिग्ध मरीज भर्ती

पटना सिटी. एनएमसीएच की ओर से संक्रामक रोग अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए बने आइसोलेशन वार्ड में सोमवार की शाम तक 16 संदिग्ध मरीज भर्ती किये गये. जिनके सैंपल को जांच के लिए अगमकुआं स्थित आरएमआरआइ में भेजा गया है. एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ मुकुल कुमार सिंह ने बताया कि 16 संदिग्ध मरीजों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है. मंगलवार को इनकी जांच रिपोर्ट आयेगी.

बीमारी पीड़ित सात मरीजों में पांच मरीजों का उपचार अलग-अलग कमरों में रख कर किया जा रहा है. जबकि, ठीक हुए दोनों मरीज को भी अलग कमरे में रख निगरानी की जा रही है. ,अस्पताल में बीमारी की चपेट व संदिग्ध 49 लोगों का इलाज वर्तमान में चल रहा है. सोमवार को कुछ संदिग्ध मरीजों को छुट्टी दी गयी. एपिडेमियोलॉजिस्ट ने बताया कि संस्थान में अब तक 219 मरीजों का उपचार किया गया है. हालांकि अस्पताल में उपचार कराने के लिए लगभग 50 की संख्या में मरीज पहुंचे थे. जिनकी स्क्रीनिंग करने के बाद चिह्नित कर 16 संदिग्ध को आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया है.

तीन कर्मी हुए थे पॉजिटिव, हड़कंप

पटना : खेमनीचक के समीप स्थित शरनम हॉस्पिटल के तीन कर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद न्यू बाइपास स्थित निजी नर्सिंग होम में हड़कंप मच गया है. इन नर्सिंग होम में काम करने वाले आधे से अधिक कर्मियों व वार्ड ब्वॉय ने ड्यूटी पर आना छोड़ दिया है और अपने पैतृक गांव निकल गये हैं. न्यू बाइपास इलाके में 100 से अधिक निजी अस्पताल हैं और लगभग सभी की हालत एक जैसी है. कुछ में ही मरीजों को भर्ती किया जा रहा है.

पुराने मरीजों का हो रहा इलाज : सूत्रों के अनुसार निजी नर्सिंग होम में पुराने मरीजों का इलाज हाे रहा है. लेकिन, नये मरीजों को एडमिट करने में परेशानी हो रही है. स्टाफ की कमी व चिकित्सकों को उपलब्ध नहीं होना बता कर एडमिट करने से टाला जा रहा है. इस स्थिति में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कोरोना की जांच के लिए किट व ड्रेस नहीं : इन निजी अस्पतालों के सामने यह भी परेशानी आ रही है कि उनके पास कोरोना की जांच के लिए किट नहीं है. साथ ही कोरोना से बचाव के लिए कोई ड्रेस भी नहीं है. निजी अस्पताल से जुड़े एक जानकार ने बताया कि कोरोना से बचने का ड्रेस इस तरह का है कि उसको पहन कर ऑपरेशन करना संभव ही नहीं है. अभी के समय में किसी भी मरीज को एडमिट करने के लिए कोरोना की जांच जरूरी है. लेकिन, इसकी जांच के लिए किट नहीं है. इन सभी स्थितियों में किसी भी मरीज को एडमिट करने में काफी रिस्क है.

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Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

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