Punpun River Floods: पुनपुन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नौबतपुर प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है. नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर कई स्थानों पर सुरक्षा तटबंधों के ऊपर से बह रहा है. तटबंधों में दरार और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण बाढ़ का पानी खेतों और रिहाइशी इलाकों में तेजी से प्रवेश कर रहा है.
चार पंचायतों के 27 गांव बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ से करंजा, खजुरी-सावरचक, बारा और देवरा पंचायत प्रभावित हैं. इन चार पंचायतों के करीब 27 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. करंजा और खजुरी-सावरचक पंचायत के करीब 12 गांव तथा बारा और देवरा पंचायत के लगभग 15 गांव सीधे तौर पर प्रभावित बताये जा रहे हैं.
बखोरदारचक, पनहारा, करदाहां, मितनचक, खैरा और सलारपुर समेत कई गांवों में पानी घरों तक पहुंच गया है. ग्रामीण संपर्क मार्गों के जलमग्न होने से कई गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया है. आवागमन ठप होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हजारों एकड़ धान की फसल डूबी
बाढ़ के पानी से बड़ी मात्रा में धान की फसल जलमग्न हो गयी है. स्थानीय किसान सिद्धि कुमार के अनुसार, देवरा और बारा पंचायत में लगी हजारों एकड़ धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गयी है. लंबे समय तक पानी में फसल के डूबे रहने से उसके बर्बाद होने की आशंका है. बाढ़ के कारण पशुपालकों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है. मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने में परेशानी हो रही है.
फसल क्षति के सर्वे और मुआवजे की मांग
स्थिति को देखते हुए पटना जिला कृषक संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय कुमार ने राज्य सरकार से तत्काल राहत कदम उठाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में बर्बाद हुई फसलों का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाये और किसानों को उचित फसल मुआवजा दिया जाये, ताकि खेती पर निर्भर परिवारों को राहत मिल सके.
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का लिया जायजा
बाढ़ की सूचना मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार, अंचलाधिकारी राजेंद्र कुमार राजीव और प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि मल्लू पासवान ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त तटबंधों और बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली.
नाव, भोजन और चारे की व्यवस्था की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है. उन्होंने प्रभावित इलाकों में नाव, भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाइयों की व्यवस्था कराने के साथ मवेशियों के लिए चारा उपलब्ध कराने की मांग की. ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत कराने की भी गुहार लगायी है.
