Pune Businessman Kidnapping and Murder Case: पटना एयरपोर्ट से महाराष्ट्र (पुणे) के कारोबारी लक्ष्मण साधु शिंदे को अगवा करने, फिरौती वसूलने और बेरहमी से पिटाई कर उनकी हत्या करने के मामले में पटना पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस की विशेष टीम ने नालंदा में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर घटना के मुख्य और वांछित आरोपी शिवशंकर कुमार उर्फ बजरंगी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी जिले के टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल था और मूल रूप से नालंदा जिले के हिलसा का रहने वाला है.
सिटी एसपी (मध्य) ममता कल्याणी ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुणे के कारोबारी के सनसनीखेज अपहरण और हत्या मामले में शामिल मुख्य फरार अभियुक्त को नालंदा से दबोच लिया गया है.
फर्जी कोल इंडिया अधिकारी बन पटना एयरपोर्ट से किया था अगवा
वारदात 11 अप्रैल 2025 की है. पुणे निवासी कारोबारी लक्ष्मण साधु शिंदे को बदमाशों ने कोल इंडिया का फर्जी अधिकारी (शिवराज सागी) बनकर स्क्रैप के बड़े बिजनेस का झांसा दिया और पटना बुलाया था.
लक्ष्मण शिंदे जैसे ही पटना एयरपोर्ट पहुंचे, गिरोह के सदस्यों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बिठाया और झारखंड ले जाने के बहाने सीधे नालंदा के हिलसा ले जाकर बंधक बना लिया. 13 अप्रैल 2025 को कारोबारी के भाई विशाल लावाजी लोखंडे ने पटना के एयरपोर्ट थाने में उनके लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
बेरहमी से पिटाई के कारण हुई थी मौत, 8 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
अपहरण के बाद बदमाशों ने कारोबारी का एटीएम कार्ड छीन लिया और पटना के दीदारगंज इलाके के एटीएम से दो बार में ₹40,000 की निकासी की. पीड़ित के खाते में करीब ₹12 लाख थे, लेकिन पिन भूल जाने के कारण बदमाश बाकी पैसे नहीं निकाल सके. इस दौरान एटीएम पिन जानने के लिए बदमाशों ने लक्ष्मण शिंदे की इतनी बर्बरता से पिटाई की कि उनकी मौत हो गई.
पटना पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए गिरोह के सरगना रंजीत पटेल उर्फ मुन्ना समेत 8 सदस्यों (कुंदन, मुन्ना, सुमित आदि) को पूर्व में ही नालंदा और अन्य ठिकानों से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि शिवशंकर उर्फ बजरंगी लगातार फरार चल रहा था.
देश के 7 कारोबारियों से 1.60 करोड़ की फिरौती वसूल चुका है अंतरराज्यीय गिरोह
पुलिस अनुसंधान में खुलासा हुआ है कि रंजीत पटेल और बजरंगी का यह अंतरराज्यीय गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था. यह गिरोह गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और झारखंड के बड़े कारोबारियों को आकर्षक बिजनेस और स्क्रैप डील के बहाने पटना बुलाता था. एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से ही उन्हें अगवा कर नालंदा और अन्य गुप्त ठिकानों पर ले जाया जाता था. बंधक बनाकर मारपीट की जाती थी और एटीएम/ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए लाखों रुपये लूटकर छोड़ दिया जाता था. पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने देश भर के 7 विभिन्न कारोबारियों को अगवा कर अब तक ₹1.60 करोड़ से अधिक की फिरौती वसूली थी.
