संवाददाता, पटना
पटना विश्वविद्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को दीपावली और छठ पूजा में मानदेय तो नहीं मिला, लेकिन उनके मानदेय में कटौती कर दी गयी है. विश्वविद्यालय में करीब 170 आउटसोर्सिंग कर्मी मुख्यालय कार्यालय सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं. इन कर्मियों को दो माह का मानदेय रखकर एक माह का मानदेय दिया जाता है. अगस्त से ही ये कर्मी बिना मानदेय के काम करने को मजूबर हैं. आउटसोर्सिंग कर्मी बताते हैं कि दीपावली और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार में मानदेय नहीं दिया गया. ऊपर से अगस्त से लेकर अब तक मानदेय में छुट्टी के नाम पर कटौती की गयी है. पहले विश्वविद्यालय में जब त्योहार की छुट्टी होती थी, तो उस दिन का पैसा नहीं काटा जाता था. विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति ने इस नियम को लागू कर दिया. इसको लेकर जब कर्मियों ने अधिकारियों से मुलाकात की तो बताया कि अब नये नियम के तहत आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय में कटौती होगी. कर्मियों ने बताया कि मानदेय में 850 रुपये प्रति महीने की कटौती की गयी है. इससे पहले तत्कालीन कुलपति ने दो दर्जन से अधिक कॉलेजों से लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को हटा दिया था. इसमें 20 से 25 वर्ष से कार्यरत कर्मचारी में शामिल थे. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति और राज्यपाल सह -कुलाधिपति से हस्तक्षेप की मांग की है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
