पटना के अदालतगंज तालाब में लौटेंगी पुरानी रौनक, जानें टिकट से बोटिंग तक के रेट

Adalatganj Pond : पटना के अदालतगंज तालाब और पार्क की सुविधाओं को जल्द ही फिर से शुरू किया जाएगा. पांच साल के लिए एक निजी एजेंसी को इसका संचालन सौंपा जा रहा है, जिससे बोटिंग, लेजर शो और फूड कियोस्क जैसी सेवाएं फिर से शुरू हो सकेंगी. यह कदम पर्यटकों और शहरवासियों के लिए मनोरंजन के अनुभव को बेहतर बनाने का वादा करता है.

Adalatganj Pond : पटना के अदालतगंज तालाब और पार्क परिसर में बंद पड़ी सुविधाएं जल्द फिर से शुरू हो सकती हैं. पिछले एक साल से पटना स्मार्ट सिटी खुद इसका संचालन कर रहा था, लेकिन रखरखाव की कमी के कारण बोटिंग, लेजर शो और फूड सहित कई सुविधाएं प्रभावित थीं. अब पांच साल के लिए बिहार की एक निजी एजेंसी को रेंटल मॉडल पर संचालन की जिम्मेदारी दी जा रही है. एग्रीमेंट होते ही एजेंसी काम शुरू करेगी.

पांच साल के लिए निजी एजेंसी संभालेगी जिम्मा

पटना के अदालतगंज तालाब का रखरखाव और संचालन अब निजी एजेंसी करेगी. पटना स्मार्ट सिटी ने इसके लिए बिहार की ही एक एजेंसी का चयन किया है. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन समेत जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले दो से तीन दिनों में एग्रीमेंट होने की उम्मीद है. करार के बाद एजेंसी तालाब और पूरे पार्क परिसर की देखरेख संभाल लेगी.

एग्रीमेंट होते ही शुरू होगा संचालन

एग्रीमेंट पूरा होते ही निजी एजेंसी मौके पर काम शुरू करेगी. इसका उद्देश्य अदालतगंज तालाब परिसर में पिछले कुछ समय से प्रभावित और बंद पड़ी सुविधाओं को दोबारा शुरू करना है. स्मार्ट सिटी प्रशासन को उम्मीद है कि इससे शहरवासियों और पटना आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

रेंटल मॉडल पर दिया जा रहा है परिसर

अदालतगंज तालाब और पार्क के संचालन की जिम्मेदारी एजेंसी को पांच साल के लिए रेंटल मॉडल पर दी जा रही है. एजेंसी टिकट काउंटर, पार्किंग, बोटिंग, फूड कियोस्क और किड्स प्ले एरिया का प्रबंधन करेगी. परिसर की रोजमर्रा की व्यवस्था और सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होगी.

एक टिकट पर तीन घंटे तक परिसर में रह सकेंगे

एक बार प्रवेश टिकट लेने वाले लोगों को तीन घंटे तक परिसर में रहने की अनुमति होगी. इससे लोगों को पार्क और तालाब परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. टिकट व्यवस्था और परिसर में प्रवेश को लेकर निर्धारित नियमों का पालन करना होगा.

टिकट और बोटिंग की दर स्मार्ट सिटी तय करेगा

निजी एजेंसी को टिकट या दूसरी सुविधाओं के लिए मनमाना शुल्क लेने की अनुमति नहीं होगी. प्रवेश टिकट, पार्किंग, बोटिंग और खेल-कूद से जुड़ी कीमतें पटना स्मार्ट सिटी प्रशासन तय करेगा. बच्चों के लिए प्रवेश शुल्क 10 रुपये और वयस्कों के लिए 20 रुपये निर्धारित है.

15 मिनट की बोटिंग के लिए 25 रुपये

तालाब में 15 मिनट की बोटिंग के लिए 25 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. एजेंसी को परिसर में सभी निर्धारित दरों की सूची प्रमुख स्थानों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी. इससे लोगों को भुगतान से पहले शुल्क की जानकारी मिल सकेगी.

अधिक पैसा लेने पर एजेंसी पर होगी कार्रवाई

यदि एजेंसी निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलती पायी गयी, तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जायेगा. नियमों का बार-बार उल्लंघन होने पर एग्रीमेंट रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. स्मार्ट सिटी प्रशासन ने शुल्क व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है.

बोटिंग और लेजर शो जैसी सुविधाएं फिर होंगी शुरू

रखरखाव के अभाव में अदालतगंज तालाब परिसर की बोटिंग, लेजर शो, फूड समेत कई सुविधाएं बंद या प्रभावित थीं. नये संचालन के तहत इन सुविधाओं को फिर से व्यवस्थित तरीके से शुरू करने की तैयारी है. इससे तालाब परिसर को शहर में मनोरंजन और घूमने की बेहतर जगह के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.

दो फूड कियोस्क पर मिलेंगी खान-पान की सुविधाएं

परिसर में दो फूड कियोस्क संचालित किये जायेंगे. यहां खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा. बासी खाना बेचने पर रोक रहेगी. खाने-पीने की दुकानों की निगरानी के साथ स्वच्छता और गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जायेगा.

सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे सुरक्षाकर्मी

परिसर में लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. 24 घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी चालू रखे जायेंगे. इससे पार्क और तालाब परिसर में आने वाले लोगों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश होगी.

ओपन एयर थिएटर में होंगे कार्यक्रम

अदालतगंज तालाब परिसर के ओपन एयर थिएटर का इस्तेमाल सांस्कृतिक और स्टार्टअप कार्यक्रमों के लिए भी किया जा सकेगा. इससे पार्क को केवल घूमने की जगह के बजाय सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल करने की योजना है.

गीले और सूखे कचरे का होगा अलग प्रबंधन

परिसर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था भी की जायेगी. गीले और सूखे कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निबटान की व्यवस्था होगी. इसका उद्देश्य पार्क और तालाब परिसर को साफ-सुथरा रखना और कचरे के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है.

स्मार्ट सिटी ने बेहतर अनुभव देने पर दिया जोर

पटना स्मार्ट सिटी के सीइओ मो शमशाद ने कहा कि अदालतगंज तालाब को बेहतर संचालन के लिए निजी एजेंसी को सौंपा जा रहा है. उनका कहना है कि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा और अच्छा अनुभव देना प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दरों पर नियंत्रण रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

हिमांशु देव सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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