Prashant Kishor : बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कराने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देनी होगी. बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाने के लिए शिक्षा और शिक्षकों को समाज और सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखना जरूरी है. जन सुराज की ओर से यह बात कही गयी है.
पसंद करते हैं लेकिन नहीं देते वोट
प्रशांत किशोर की ओर से कहा गया कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग जन सुराज की सोच और उसके काम को पसंद करते हैं तथा संगठन के साथ जुड़ाव भी रखते हैं. लेकिन जब मतदान का समय आता है तो यही लोग जाति और धर्म के आधार पर बंट जाते हैं और अपनी पसंद के अनुसार वोट नहीं करते.
विकास के दावे और जमीन की हकीकत में अंतर का आरोप
पीके ने कहा कि सरकार भले ही बिहार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बता रही हो, लेकिन आम लोगों को अपने जीवन में उस बेहतरी का स्पष्ट प्रमाण दिखाई नहीं दे रहा है. लोगों की आय, रोजगार और आर्थिक स्थिति में जब तक वास्तविक सुधार नहीं दिखेगा, तब तक विकास के आंकड़ों को लेकर सवाल उठते रहेंगे.