Prashant Kishor Next Plan: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब अगले चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. उन्होंने कहा कि अभी जन सुराज सिर्फ बिहार की राजनीति पर ध्यान देगी. जल्द होने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी. हर जिला परिषद में जन सुराज का चेयरमैन बने. इसके लिए पार्टी अभी से तैयारी शुरू करेगी.
हर वार्ड और जिला परिषद में उतारेगी उम्मीदवार
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज सभी जिला परिषद क्षेत्रों और वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी. बांकीपुर उपचुनाव ने यह साबित कर दिया कि बिहार में सिर्फ जाति के आधार पर चुनाव नहीं जीते जाते. उन्होंने कहा कि अब अलग सोच की राजनीति भी सफल हो सकती है.
पीके ने कहा कि जो युवा राजनीति में आना चाहते हैं, उनके लिए बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा एक बड़ा संदेश है. इस चुनाव ने यह सोच बदली है कि बिहार में नई राजनीति की कोई जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि अब लोग बदलाव की राजनीति को भी स्वीकार कर रहे हैं.
पंचायत चुनाव कब हो सकते हैं?
बिहार में पंचायतों का कार्यकाल इसी साल खत्म हो रहा है. पहले चुनाव आयोग ने नवंबर-दिसंबर 2026 में पंचायत चुनाव कराने की बात कही थी. लेकिन अब राज्य सरकार ने पंचायतों की नई सीमा तय करने यानी परिसीमन का फैसला लिया है. माना जा रहा है कि नई सीमा के आधार पर ही ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव होंगे. ऐसे में चुनाव तय समय से आगे बढ़ सकते हैं.
इस साल के आखिर में बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर भी चुनाव होने की संभावना है. प्रशांत किशोर ने अभी एमएलसी चुनाव को लेकर कोई सीधी घोषणा नहीं की है. लेकिन माना जा रहा है कि जन सुराज इन चुनावों में भी अपने समर्थित उम्मीदवार उतार सकती है.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
किन सीटों पर होगा एमएलसी चुनाव?
नवंबर 2026 में बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की 8 सीटों का कार्यकाल खत्म हो रहा है. इनमें पटना, तिरहुत, दरभंगा और सारण की शिक्षक सीटें, जबकि पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी की स्नातक सीटें शामिल हैं. इन सभी सीटों पर मतदाता सीधे वोट डालकर अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे.
प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर के लोगों को अगले तीन महीने के अंदर बदलाव दिखने लगेगा. उन्होंने कहा कि वह बांकीपुर को बैंगलोर बनाने का वादा नहीं कर रहे हैं, लेकिन लोगों को विकास का काम जरूर नजर आएगा.
उनका लक्ष्य अगले एक-दो साल में बांकीपुर को बिहार की आदर्श विधानसभा बनाना है, ताकि बाकी 242 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों पर भी बेहतर काम करने का दबाव बने.
इसे भी पढ़ें: पटना में नासरीगंज-पानापुर फ्री स्टीमर सेवा शुरू, दियारा के हजारों लोगों को बड़ी राहत
