अनुसंधान में दक्ष हो रहे पुलिस अफसर

देश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद अनुसंधान की दिशा बदल रही है. बिहार पुलिस ने अपने अफसरों को नई व्यवस्था के मुताबिक गहरायी से प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया है.

संवाददाता, पटना देश में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) लागू होने के बाद अनुसंधान की दिशा बदल रही है. बिहार पुलिस ने अपने अफसरों को नई व्यवस्था के मुताबिक गहरायी से प्रशिक्षित करना शुरू कर दिया है. अब तक सीआइडी के ट्रेनिंग सेंटर में डीएसपी से लेकर दरोगा तक के कुल 3137 अफसरों को रिसर्च वर्क यानी अनुसंधान की बारीकियां सिखायी जा चुकी हैं. सीआइडी एडीजी पारसनाथ ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को एडीजी सीआइडी पारसनाथ ने पत्रकारों को बताया कि सिर्फ आठ से 21 जुलाई के बीच 350 अफसरों को ट्रेनिंग दी गयी. यह प्रशिक्षण राज्य भर में अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है. डीएसपी स्तर के अफसरों पर खास फोकस है. मोबाइल डेटा एक्सट्रैक्शन, सीसीटीवी विश्लेषण, लैपटॉप से साक्ष्य निकालना, वीडियोग्राफी और फोटो साक्ष्य को सुरक्षित रखने जैसे स्किल्स सिखाये जा रहे हैं. ट्रेनिंग में सीबीआइ व एनआइए जैसे राष्ट्रीय एजेंसियों के विशेषज्ञ भी शामिल किए जा रहे हैं. एडीजी ने बताया कि राजगीर में क्षेत्रीय एफएसएल लैब शुरू हो चुकी है. पूर्णिया में भी लैब बनकर तैयार है. जल्द काम शुरू होगा. इन लैबों के संचालन के लिए 191 अस्थायी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.

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By RAKESH RANJAN

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