विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बन रहा पीएमसीएच

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के पुनर्विकास परियोजना के प्रथम चरण के तहत शनिवार को नवनिर्मित भवनों का उद्धाटन किया

संवाददाता, पटना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) के पुनर्विकास परियोजना के प्रथम चरण के तहत शनिवार को नवनिर्मित भवनों का उद्धाटन किया, जिसकी लागत 903.57 करोड़ रुपये है. पीएससीएच को 5,462 बेड की क्षमता के साथ विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जा रहा है. इस परियोजना की कुल लागत 5,540 करोड़ है और इसे तीन चरणों में पूरा किया जायेगा. पहले चरण में कुल 2527 बेड का अस्पताल शुरू किया जा रहा है. नये भवनों में अत्याधुनिक ओपीडी, ब्लड बैंक,मल्टीलेवल पार्किंग, गर्ल्स हॉस्टल और ग्रीन ग्रिड जैसी सुविधाएं शामिल हैं. ब्लड बैंक में थैलेसीमिया, हीमोफीलिया और एचआइवी संक्रमितों को नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया जायेगा. पीएमसीएच में 250 करोड़ रुपये की लागत से ग्रीन ग्रिड स्थापित किया जा रहा है, जिससे अस्पताल ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा. यह बिहार का पहला ग्रीन ग्रिड होगा, जो गैस इंसुलेटेड सिस्टम और सौर ऊर्जा का उपयोग करेगा. बेहतर पार्किंग और आवास सुविधाएं लोगों को मिलेगी. मौके पर अस्पताल परिसर में 750 वाहनों की क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग शुरू की गयी है, और आने वाले सालों में तीन हजार वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जायेगी. इसके अलावा, छात्राओं के लिए 550 बेड का नया हॉस्टल भी बनाया गया है. पीएमसीएच का का नया भवन भूकपरोधी और फायर पूफ बनाया जा रहा है. इसके अलावा अस्पताल में हेलीपैड की सुविधा भी होगी, जिससे एयर एंबुलेंस की मदद से आपातकालीन मरीजों को तेजी से लाया जा सकेगा.

आठ विभाग के ओपीडी होंगे शिफ्ट

मिली जानकारी के अनुसार उद्घाटन के बाद इमरजेंसी के 1050 बेड के अलावा आठ विभाग ओपीडी भी दो टावर की बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिये जायेंगे. ओपीडी शिफ्टिंग का काम 15 मई से शुरू होगा. इन आठ में पहले तीन विभाग मेडिसिन, पीएसएम और जेरियाट्रिक विभाग की ओपीडी को 15 मई व बाकी पांच ओपीडी को 20 मई तक शिफ्ट कर दिया जायेगा. साथ ही इन विभागों के लिए इको, ऑडियोमेट्री यानी कान से सुनने की जांच मशीन, कान के पर्दे का स्कैन करने वाली बेरा स्कैन, आंख की जांच के लिए आटो रिप्रेक्टर और नान कनेक्ट टोनोमेटर व इसीजी, होल्टर मशीन की सुविधा ओपीडी में रहेगी.

तीसरा टावर सितंबर तक होगा पूरा

तीसरे टावर को सितंबर और चौथे टावर को अगले साल तक शुरू कर दिया जायेगा. 5462 बेड वाले इस अस्पताल में 5460 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. तीनों चरण में कुल 764.3 यानी लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल उपकरणों की खरीदारी की जायेगी. इसमें पहले चरण में 329.9, दूसरे चरण फेज में 237.4 और तीसरे चरण में 197 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण लगेंगे.

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Published by: Kumar prabhat

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