PMC Board Meeting: होटल मौर्या में शनिवार को आयोजित पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) की 11वीं साधारण बैठक हंगामे व पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक के बीच संपन्न हुई. मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शहर के विकास से जुड़े कुल 12 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगी. बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला प्रॉपर्टी टैक्स व भवनों के कर निर्धारण का जिम्मा एक नई निजी एजेंसी को सौंपना रहा. इस प्रस्ताव पर सदन में काफी बहस हुई, जहां कुछ पार्षदों ने पुरानी एजेंसी स्पैरो के खराब ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देकर विरोध जताया, वहीं स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने साफ किया कि नई एजेंसी को कमीशन तभी मिलेगा जब वह 200 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स वसूली करके दिखाएगी.
बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने एक बड़ा खुलासा भी किया. उन्होंने बताया कि म्यूनिशिपल बॉन्ड के लिए वित्तीय दस्तावेजों की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पटना नगर निगम पर साल 2010 से करीब 350 करोड़ रुपये का पुराना कर्ज बकाया है. इस कर्ज में अकेले बिजली बिल का हिस्सा 200 करोड़ रुपये है, जिसमें मूल बिल सिर्फ 90 करोड़ का है और बाकी 110 करोड़ रुपये ब्याज के हैं, जबकि बचा हुआ 150 करोड़ रुपये लोन का है. इससे पहले, बैठक की शुरुआत 10वीं बैठक की कार्यवाही की संपुष्टि के साथ हुई, जिसमें म्यूनिशिपल बॉन्ड पर दिए गए सुझावों में बदलाव न होने को लेकर पार्षद आशीष सिन्हा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.
निजी एजेंसी वसूलेगी Property Tax, फव्वारा कंपनी ब्लैकलिस्ट
बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) वसूली की रफ्तार बढ़ाने के लिए निजी एजेंसी की सेवाओं को मंजूरी दी गई. सदन में जानकारी दी गई कि पहले जहां मात्र 30-40 करोड़ की वसूली होती थी, लेकिन, एजेंसी आने के बाद 90 करोड़ का टैक्स वसूली किया गया. वहीं अब 200 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही, शहर के फव्वारों के रखरखाव में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी स्विस इंडिया को ब्लैकलिस्ट करने का बड़ा फैसला लिया गया. वार्ड 28 के पार्षद विनय कुमार पप्पू ने मुद्दा उठाया कि एजेंसी के जिम्मे जलापूर्ति से जुड़े अन्य कार्य भी थे, लेकिन फव्वारे लंबे समय से बंद पड़ेहैं.
पार्षद व समिति सदस्य के बीच धक्का-मुक्की की नौबत
बैठक का माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब सशक्त स्थायी समिति के सदस्य बिनोद कुमार और वार्ड 48 के पार्षद इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी के बीच तीखी बहस हो गई. चर्चा के दौरान बिनोद कुमार ने पार्षद को बैठने की हिदायत देते हुए यहां तक कह दिया कि बाहर निकलवाकर फिंकवा देंगे. इस टिप्पणी पर सदन में भारी हंगामा हुआ और पार्षद इंद्रदीप ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. इसके अलावा, वार्ड पांच की पार्षद दीपा रानी खान ने सफाई निरीक्षक पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित करने के बजाय सीधे बर्खास्त करने की मांग की, जिस पर अन्य पार्षदों ने भी अपना समर्थन दिया.
Street Light व कचरा उठाव पर प्रशासन को घेरा
शहर की बदहाल स्ट्रीट लाइट (Street Light ) और कचरा प्रबंधन को लेकर पार्षदों ने नगर प्रशासन पर जमकर भड़ासनिकाली. पार्षदों का आरोप था कि बिजली की टीमें वार्डों में ठीक से काम नहीं करतीं और लाइटों का अभाव है. इस पर अपर नगर आयुक्त राजन सिन्हा ने निगम की आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए बताया कि हर साल 12 करोड़ रुपये केवल पेंशन मद में खर्च होते हैं. तब पार्षदों ने सुझाव दिया कि बड़े होटलों में महंगी बैठकें करने के बजाय मौर्य मंडपम जैसे सरकारी भवनों का उपयोग किया जाए ताकि पैसों की बचत हो सके. नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि मैन्युअल लाइटों पर काम जारी है और जल्द सुधार होगा.
जब 15 हजार की आबादी पर महज तीन मजदूर होने पर महिला पार्षद ने किया सवाल
वार्ड 53 व 72 के पार्षदों ने अपने क्षेत्रों में फाॅगिंग मशीन और कचरा उठाव की समस्या उठाई. वार्ड 21 पार्षद श्वेता रंजन ने वीआइपी इलाकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि साल 2020 में लिखित आदेश न होने के कारण मजदूरों को हटा दिया गया. वर्तमान में करीब 15000 की आबादी वाले कमला नेहरू नगर जैसे स्लम क्षेत्रों के लिए महज 3 मजदूर बचे हैं, जिससे साफ-सफाई करना असंभव हो गया है. नगर आयुक्त ने इस पर संज्ञान लेते हुए एक से दो दिनों के भीतर सभी जरूरतमंद वार्डों में अतिरिक्त सफाई कर्मी उपलब्ध कराने का वादा किया है.
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बिजली सब-स्टेशन के लिए भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी
नगर निगम ने संपतचक प्रखंड में 220/30 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए 323.4 डिसमिल भूमि बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि, पार्षदों ने स्पष्ट शर्त रखी कि निगम की कीमती जमीन के बदले पावर कंपनी को या तो उतनी ही जमीन देनी होगी या फिर वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार उचित राशि का भुगतान करना होगा. पार्षदों का तर्क था कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए जमीन देना जरूरी है, लेकिन इससे नगर निगम के राजस्व और संपत्तियों के हितों का नुकसान नहीं होना चाहिए. इस शर्त के साथ भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी. मौके पर डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य सहित अन्य रहे.
अमृत 2.0 के भरोसे नहीं रुकेगा काम, हर वार्ड में लगेंगे 5 सबमर्सिबल बोरिंग
बैठक में उप नगर आयुक्त रामाशीष शरण तिवारी ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार अब नई जलापूर्ति योजनाएं अमृत 2.0 के तहत बुडको द्वारा पूरी की जाएंगी. हालांकि, पार्षदों व समिति सदस्यों ने इस पर कड़ाऐतराजजताया. सदस्य बिनोद कुमार और मनोज कुमार ने कहा कि अमृत 2.0 को धरातल पर उतरने और डीपीआर तैयार होने में काफी समय लग सकता है. जनहित को देखते हुए निगम की मौजूदा और निविदा प्रक्रिया वाली योजनाओं को रोकना उचित नहीं होगा. पार्षदों ने स्पष्ट किया कि जब तक नई योजना शुरू नहीं होती, निगम अपने स्तर पर काम जारी रखेगा ताकि जनता को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े. सभी वार्डों में पांच-पांच सबमर्सिबल पास किया गया.
बैठक में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर
– गर्दनीबाग रोड नंबर 16 में निगम की जमीन पर सामुदायिक भवन का निर्माण 1.95 करोड़ से होगा.
– 4866 स्थायी व दैनिक पारिश्रमिक निगम कर्मी को मिलेगा दो सेट वर्दी
– प्रधानमंत्री एकता माल के निर्माण के लिए 3.39 एकड़ जमीन के लिए दिया एनओसी
– दीघा श्मशान घाट के पास 4.99 करोड़ रुपये से विद्युत शवदाह गृह का निर्माण होगा
– वार्ड 47 में जी एक भवन समेत धोबी घाट का निर्माण 1.41 करोड़ से होगा
– वार्ड 30 में दशरथा स्थित किया सर्विस सेंटर के निकट जी 2 वेंडिंग जोन व सामुदायिक भवन बनेगा
– निगम क्षेत्र में शौचालयों का संचालन एवं रखरखाव एजेंसी से कराया जाएगा
– रामाचकबैरिया में लीगेसी वेस्ट निस्तारण के लिए फंड पास किया जायेगा
