पटना स्थित बुद्ध स्मृति पार्क का पाटलिपुत्र करुणा स्तूप, जहां सुरक्षित हैं भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष
बुद्ध स्मृति पार्क, जहां इतिहास, अध्यात्म और शांति का होता है संगम
पटना रेलवे स्टेशन के समीप फ्रेजर रोड स्थित बुद्ध स्मृति पार्क राजधानी के प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है. करीब 22 एकड़ में फैले इस भव्य पार्क का निर्माण भगवान बुद्ध के 2554वें जन्मोत्सव के अवसर पर किया गया था. पार्क का मुख्य आकर्षण 200 फीट ऊंचा पाटलिपुत्र करुणा स्तूप है, जिसमें भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष सुरक्षित रखे गए हैं. यहां परम पावन दलाई लामा द्वारा लगाए गए बोधि वृक्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आस्था का केंद्र हैं. पार्क में ध्यान केंद्र, संग्रहालय और बौद्ध साहित्य से समृद्ध पुस्तकालय भी मौजूद है, जो बौद्ध दर्शन को करीब से जानने का अवसर देता है. थाईलैंड, जापान, म्यांमार, दक्षिण कोरिया और श्रीलंका से लाए गए पवित्र अवशेष इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाते हैं. शहर की भागदौड़ के बीच यह पार्क शांति, आध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा अनुभव कराता है.
पटना के इको पार्क में हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती के बीच सुकून के पल बिताते लोग
पटना के बीच सुकून का ठिकाना, हरियाली से गुलजार है इको पार्क
पटना का इको पार्क राजधानी के प्रमुख और लोकप्रिय पार्कों में शामिल है. इसे राजधानी वाटिका के नाम से भी जाना जाता है और यहां बड़ी संख्या में लोग सुकून के पल बिताने पहुंचते हैं. पार्क में 3000 से अधिक प्रकार की वनस्पतियां हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती को बढ़ाती हैं. यहां बच्चों के लिए अलग पार्क, नौकायन की सुविधा और जॉगिंग व साइकिलिंग के लिए रास्ते मौजूद हैं. फूड कोर्ट के साथ थीम आधारित प्राकृतिक सजावट भी लोगों को आकर्षित करती है. समय-समय पर यहां अलग-अलग तरह की मूर्तियों और कलाकृतियों का प्रदर्शन भी देखने को मिलता है. शहर की भागदौड़ के बीच इको पार्क की हरियाली और ताजी हवा लोगों को कुछ देर प्रकृति के करीब ले जाती है.
पटना का ऐतिहासिक शहीद वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क
100 साल पुराना पार्क, आज वीर कुंवर सिंह की शौर्य गाथा का प्रतीक
पटना का शहीद वीर कुंवर सिंह आजादी पार्क शहर की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा एक प्रमुख स्थल है. इसका पुराना नाम हार्डिंग पार्क था. इस पार्क का निर्माण वर्ष 1916 में तत्कालीन ब्रिटिश वायसराय चार्ल्स हार्डिंग के कार्यकाल में कराया गया था. यह बिहार के पुराने और ऐतिहासिक पार्कों में शामिल है, जिसने समय के साथ पटना के बदलते स्वरूप को देखा है. आजादी के बाद पार्क का नाम बदलकर महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह के सम्मान में रखा गया. 1857 के विद्रोह में वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अदम्य साहस का परिचय दिया था. आज यह पार्क इतिहास, शौर्य और स्वतंत्रता आंदोलन की यादों को अपने भीतर संजोए हुए है.
कुम्हरार पार्क में प्राचीन पाटलिपुत्र के ऐतिहासिक अवशेषों की झलक
कुम्हरार पार्क में दिखती है प्राचीन पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक झलक
पटना शहर के बीच स्थित कुम्हरार पार्क प्राचीन पाटलिपुत्र की गौरवशाली विरासत को समेटे हुए है. यहां हुई पुरातात्विक खुदाई में प्राचीन शहर के कई महत्वपूर्ण अवशेष मिले हैं. सबसे खास खोज 80 स्तंभों वाले विशाल हॉल की रही, जिसके साथ लकड़ी का मंच भी मिला था. शुरुआत में इसे शाही दरबार माना गया, लेकिन बाद की खोजों में इसे अशोक काल का बौद्ध सभा हॉल माना गया. यहां आरोग्य विहार नामक मठ-सह-अस्पताल के अवशेष भी मिले हैं, जो प्राचीन चिकित्सा व्यवस्था की झलक देते हैं. कुम्हरार का यह परिसर इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वालों के लिए बेहद खास है. यह स्थल आज भी प्राचीन पाटलिपुत्र की समृद्ध सभ्यता और विरासत की कहानी बयां करता है.
पटना के एनर्जी पार्क में फव्वारे, हरियाली और खूबसूरत रोशनी के बीच मनोरंजन का आनंद लेते लोग
पटना का एनर्जी पार्क, जहां रोमांच के साथ मिलेगी हरियाली और सुकून
पटना के राजबंशी नगर में स्थित एनर्जी पार्क बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए आकर्षण का केंद्र है. करीब 11 एकड़ में फैले इस पार्क में प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक हरियाली और खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं. पार्क के रास्ते के दोनों ओर लगे चंपा के पौधे और शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी वाला झरना खास आकर्षण हैं. करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्क के ढाई एकड़ हिस्से में स्टेडियम भी बनाया गया है. यहां क्रिकेट और फुटबॉल के साथ बोटिंग और वॉटर स्पोर्ट्स जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है. पार्क में बनी छोटी झील का किनारा गर्मियों में लोगों को सुकून देने वाला माहौल देता है. रंगीन फव्वारा पार्क की खूबसूरती बढ़ाता है और यहां आने वाले लोग इसके सामने तस्वीरें और सेल्फी लेना खूब पसंद करते हैं.
पटना के बोरिंग रोड स्थित एसके पुरी पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार
बोरिंग रोड एसके पुरी पार्क, पटना की हरियाली के बीच सुकून
बोरिंग रोड स्थित एसके पुरी पार्क पटना के प्रमुख और लोकप्रिय पार्कों में शामिल है. शहर की व्यस्त जिंदगी के बीच यह पार्क लोगों को हरियाली और सुकून का माहौल देता है. पार्क में सुबह और शाम टहलने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. हरी-भरी वादियों और पेड़-पौधों के बीच यहां कुछ समय बिताना लोगों को काफी पसंद आता है. परिवार और बच्चों के साथ आने वाले लोगों के लिए भी यह पार्क आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. पार्क का शांत वातावरण शहर के शोर से दूर कुछ पल आराम करने का मौका देता है. बोरिंग रोड इलाके में रहने वाले लोगों के लिए एसके पुरी पार्क मनोरंजन और सेहत दोनों के लिहाज से खास जगह है.
शहीद पीर अली खान पार्क में झूलों और खेलकूद का आनंद लेते बच्चे
शहीद पीर अली खान पार्क, जहां इतिहास के साथ बच्चों की मस्ती भी
पटना के गांधी मैदान के पास स्थित शहीद पीर अली खान पार्क स्वतंत्रता सेनानी पीर अली खान की स्मृति को समर्पित है. यह पार्क बच्चों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है, जहां कई तरह के झूले और मनोरंजन के साधन मौजूद हैं. छोटे बच्चों से लेकर परिवारों तक, यहां लोग खाली समय में घूमने और मनोरंजन के लिए पहुंचते हैं. छुट्टियों और खासकर सप्ताहांत के दिनों में पार्क में लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. पार्क का नाम स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी पीर अली खान की शहादत की याद दिलाता है. अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले पीर अली खान को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दी थी. इस तरह यह पार्क बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ देश के वीर शहीद की स्मृति को भी जीवित रखता है.
