Patna Zoo: पटना जू में जल्द ही वन्यजीवों की संख्या बढ़ने वाली है. जुलाई के अंत तक कर्नाटक के शिवमोगा जू से दो नर गौर (भारतीय बाइसन) पटना लाए जाएंगे. इसके लिए चिड़ियाघर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके अलावा मैसूर जू से एक नर जिराफ भी पटना आएगा. यह पूरी प्रक्रिया एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगी.
सेंट्रल जू अथॉरिटी से मिल चुकी है मंजूरी
पटना जू के प्रस्ताव को सेंट्रल जू अथॉरिटी पहले ही मंजूरी दे चुकी है. फिलहाल पटना जू में केवल दो मादा गौर हैं. ऐसे में दो नर गौर आने के बाद इनके प्रजनन (ब्रीडिंग) की संभावना बढ़ेगी. इससे भविष्य में गौर की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी.
देश की पहली गौर सफारी से आएंगे गौर
दोनों नर गौर कर्नाटक के शिवमोगा जू से लाए जाएंगे. शिवमोगा जू को देश की पहली विशेष ‘गौर सफारी’ के रूप में विकसित किया गया है. यहां मैसूर जू से लाए गए भारतीय गौर रखे जाते हैं. इन्हीं में से दो नर गौर पटना भेजे जाएंगे.
पिछले साल दो गौर की हो चुकी है मौत
पटना जू ने हाल के वर्षों में दो गौर खोए हैं. जून 2025 में एक मादा गौर की संक्रमण के कारण मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में थिलेरियोसिस संक्रमण को मौत की वजह बताया गया था. इलाज करीब 20 दिनों तक चला, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.
इससे पहले मार्च 2025 में नर गौर ‘भैरवा’ की भी मौत हो गई थी. वह कई दिनों से बीमार था और उसने खाना भी छोड़ दिया था. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सेप्टीसीमिया और मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर को मौत का कारण माना गया था.
मैसूर जू से आएगा नर जिराफ
पटना जू में एक नर जिराफ भी लाया जाएगा. इसके लिए पहले कोलकाता जू से संपर्क किया गया था, लेकिन वहां से सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसके बाद मैसूर जू के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
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जिराफ की नई ब्लड लाइन पर रहेगा फोकस
नर जिराफ लाने का उद्देश्य जिराफ की ब्लड लाइन बदलना और ब्रीडिंग को बढ़ावा देना है. इससे स्वस्थ प्रजनन की संभावना बढ़ेगी. अगर भविष्य में मैसूर जू की ओर से मांग की जाती है, तो पटना जू अपनी तीन साल की मादा जिराफ को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत वहां भेज सकता है.
फिलहाल एक ही वयस्क मादा जिराफ
अभी पटना जू में केवल एक वयस्क मादा जिराफ मौजूद है. ऐसे में नए नर जिराफ के आने से जिराफ संरक्षण और प्रजनन कार्यक्रम को नई गति मिलने की उम्मीद है. साथ ही गौर और जिराफ दोनों प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में पटना जू का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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