Patna Vigilance Raid: बिहार की राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Bureau) ने एक बड़ा धमाका किया है. नियोजन भवन (युवा रोजगार एवं कौशल विभाग) में तैनात असिस्टेंट डायरेक्ट परमजय सिंह को 5 लाख रुपये की नगदी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर के रहने वाले ओम प्रकाश की शिकायत पर हुई है. मामला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के बजट से जुड़ा है. संस्थानों के वेतन, ऑफिस खर्च और मशीनों के लिए करीब 1.70 करोड़ रुपये का फंड जारी होना था. इस फंड को पास करने के बदले सहायक निदेशक ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी.
निदेशक के नाम पर मांगी गई थी घूस
शिकायतकर्ता ने बताया कि परमजय सिंह ने यह दावा किया था कि यह रिश्वत की रकम विभाग के निदेशक सुनील कुमार के लिए मांगी जा रही है. इसमें से कुछ हिस्सा उनका खुद का भी होगा.
पार्किंग में हुई गिरफ्तारी
निगरानी विभाग ने शिकायत मिलने पर जाल बिछाया. शुक्रवार को जैसे ही परमजय सिंह नियोजन भवन की पार्किंग में रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 लाख रुपये ले रहे थे, तभी निगरानी की स्पेशल टीम ने उन्हें दबोच लिया.
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घर की तलाशी में मिला नोटों का ढेर
गिरफ्तारी के बाद जब निगरानी की टीम ने परमजय सिंह के कंकड़बाग स्थित घर पर छापा मारा, तो वहां से 15 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद हुआ है. इसके अलावा भारी मात्रा में निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. फिलहाल विभाग आगे की जांच कर रहा है कि इस भ्रष्टाचार के खेल में और कौन-कौन शामिल है.
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