Patna News: नए साल में पटना के लोगों को मिलेगी जाम से मुक्ति, इन दो बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी शहर की तस्वीर
Patna News: पटना में यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. पटना मेट्रो के अंडरग्राउंड सेक्शन की तैयारी और दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर से राजधानी के सफर को नई रफ्तार मिलने वाली है.
Patna News: पटना में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहे हैं. एक ओर पटना मेट्रो का विस्तार शहर को आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. वहीं दूसरी ओर दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर राजधानी को जाम से राहत देने की तैयारी में है. दोनों परियोजनाएं आने वाले वर्षों में पटना की यातायात व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती हैं.
पटना मेट्रो: इस साल शुरू होगा अंडरग्राउंड सफर
पटना मेट्रो की शुरुआत वर्ष 2025 में हो चुकी है और नए साल में इसके विस्तार पर जोर दिया जा रहा है. प्रायोरिटी कॉरिडोर पर काम तेजी से चल रहा है और अधिकारियों के मुताबिक अगले एक से दो महीनों में आईएसबीटी से मलाही पकड़ी स्टेशन तक मेट्रो परिचालन शुरू होने की संभावना है. भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है.
मलाही पकड़ी से राजेंद्र नगर तक बनने वाले अंडरग्राउंड सेक्शन का काम जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. वहीं राजेंद्र नगर से पटना यूनिवर्सिटी तक अंडरग्राउंड मेट्रो की पटरी बिछाने की प्रक्रिया चल रही है. इसके साथ ही राजेंद्र नगर से पटना यूनिवर्सिटी और आगे पटना जंक्शन तक टनल निर्माण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है.
दानापुर से स्टेशन क्षेत्र के बीच भी मेट्रो निर्माण कार्य तेज है. 6 अक्टूबर 2025 को प्रायोरिटी कॉरिडोर के तीन स्टेशनों- आईएसबीटी से भूतनाथ तक मेट्रो सेवा शुरू की गई थी. अक्टूबर से दिसंबर के बीच मेट्रो ट्रेनों ने करीब 1500 फेरे लगाए और लगभग 26 हजार यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ उठाया, जिससे मेट्रो के प्रति लोगों की बढ़ती स्वीकार्यता साफ दिखती है.
दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर: जाम से मिलेगी राहत
पटना से आरा के बीच ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है. अब तक इस परियोजना का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है. कुल 389 पिलरों का निर्माण होना है, जिनमें से 348 पिलर तैयार किए जा चुके हैं.
23 किलोमीटर लंबी इस एलिवेटेड सड़क को करीब 3147 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इसके पूरा होने के बाद पटना से बिहटा एयरपोर्ट तक का सफर महज 20 मिनट में तय किया जा सकेगा.
इस एलिवेटेड कॉरिडोर से न केवल पटना–आरा मार्ग पर जाम की समस्या कम होगी, बल्कि उत्तर प्रदेश से संपर्क भी आसान हो जाएगा. पटना से यूपी के हैदरिया तक करीब 120 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी. साथ ही बनारस, बलिया और विंध्याचल जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
