पटना से दिल्ली सिर्फ साढ़े 9 घंटे में, जल्द मिलेगी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात, देखें पूरी डिटेल

Patna to New Delhi Sleeper Vande Bharat Train: पटना से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को जल्द स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात मिल सकती है. रेलवे इस ट्रेन को शुरू करने की तैयारी में जुटा है. ट्रेन करीब साढ़े 9 घंटे में सफर पूरा करेगी और यात्रियों को हाईटेक सुविधाओं के साथ पहले से तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा.

Patna to New Delhi Sleeper Vande Bharat Train: पटना से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को जल्द बड़ी सौगात मिल सकती है. पूर्व मध्य रेलवे दानापुर मंडल पटना से दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने इस ट्रेन का शेड्यूल तैयार करने के लिए पूर्व मध्य रेलवे से प्रस्ताव मांगा है. ट्रेन को डीडीयू और कानपुर के रास्ते दिल्ली तक चलाने पर विचार किया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड ने इसी महीने पूर्व मध्य रेलवे समेत पांच जोन के परिचालन अधिकारियों को बुलाकर स्लीपर वंदे भारत के संचालन को लेकर चर्चा की थी. सभी अधिकारियों से संभावित टाइम टेबल तैयार करने को कहा गया है. इसके बाद इस रूट पर ट्रेन चलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

साढ़े 9 घंटे में पटना से दिल्ली पहुंचने की तैयारी

अगर यह ट्रेन शुरू होती है तो पटना से दिल्ली का सफर करीब साढ़े 9 घंटे में पूरा हो सकेगा. अभी इस रूट की ज्यादातर ट्रेनें 12 घंटे या उससे अधिक समय लेती हैं. ऐसे में यात्रियों का करीब ढाई घंटे तक का समय बच सकता है. फिलहाल स्लीपर वंदे भारत हावड़ा-कामाख्या और मुंबई-बेंगलुरु रूट पर चल रही है.

अगस्त में मिल सकती है नई सौगात

सूत्रों के अनुसार रेलवे बोर्ड अगस्त में पटना और गोरखपुर से एक साथ दो स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा कर सकता है. हालांकि रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

इस ट्रेन का किराया मौजूदा तेजस राजधानी एक्सप्रेस से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है. वहीं संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस की तुलना में यात्रियों को 20 से 25 प्रतिशत अधिक किराया देना पड़ सकता है.

सप्ताह में छह दिन चलेगी ट्रेन

प्रस्तावित योजना के अनुसार स्लीपर वंदे भारत सप्ताह में छह दिन चलेगी. ट्रेन शाम के समय पटना से रवाना होगी और अगले दिन सुबह दिल्ली पहुंचेगी. इसी तरह दिल्ली से भी शाम को चलकर अगले दिन सुबह पटना पहुंचेगी.

दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कवच सिस्टम लगाने का काम अंतिम चरण में है. यही वजह थी कि अब तक इस रूट पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना पूरी नहीं हो सकी थी. कवच का काम पूरा होने के बाद स्लीपर वंदे भारत को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है.

16 कोच में होंगी 827 सीटें

प्रस्तावित स्लीपर वंदे भारत में कुल 16 कोच होंगे. इनमें 11 एसी थ्री टियर कोच में 611 सीटें, 4 एसी टू टियर कोच में 188 सीटें और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच में 24 सीटें होंगी. यानी पूरी ट्रेन में कुल 827 यात्रियों के बैठने और सफर करने की व्यवस्था रहेगी.

पटना-दिल्ली रूट पर अभी राजधानी एक्सप्रेस, तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस और गरीब रथ जैसी प्रीमियम ट्रेनें चल रही हैं. इन ट्रेनों को दिल्ली पहुंचने में 12 से 14 घंटे तक का समय लगता है. नई स्लीपर वंदे भारत कम समय, आधुनिक सुविधाओं और बेहतर सफर के कारण इन ट्रेनों को कड़ी चुनौती दे सकती है.

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यात्रियों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

स्लीपर वंदे भारत का इंटीरियर फ्लाइट और होटल जैसी सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. ट्रेन में यूएसबी चार्जिंग के साथ रीडिंग लैंप, रियल टाइम पैसेंजर इन्फॉर्मेशन डिस्प्ले, हाई स्पीड फ्री वाई-फाई, इन्फोटेनमेंट स्क्रीन, मॉड्यूलर पैंट्री, टच-फ्री बायो वैक्यूम टॉयलेट, एसी फर्स्ट क्लास में गर्म पानी का शावर, ऊपरी बर्थ के लिए सुरक्षित सीढ़ियां और दिव्यांग व बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ की सुविधा मिलेगी.

यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन में कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट, ऑटोमैटिक प्लग डोर और हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इससे सफर पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक होगा.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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