'बेऊर जेल में खूंखार अपराधियों के बीच बच्चे', परिजनों ने दी चेतावनी- आज छात्रों को नहीं छोड़ा तो करेंगे आंदोलन

Patna Students Arrest: पटना में बेऊर जेल के बाहर आज भी छात्रों के परिजनों की भीड़ जुट गई है. सुबह 6 बजे से ही वे अपने बच्चों के जेल से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच गुस्से में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज सभी छात्रों को छोड़ा नहीं गया तो 30 जुलाई को आंदोलन करेंगे.

Patna Students Arrest: 'अगर आज बेऊर जेल से छात्रों को रिहा नहीं किया जाएगा तो कल फिर सड़क पर उतरेंगे. पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था, अब काले अंग्रेजों का शासन है.' यह बात बेऊर जेल के बाहर अपने दोस्त का इंतजार कर रहे छात्रों ने कही. सीधा-सीधा उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है. रिहाई में देरी की वजह से उनके दोस्तों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है.

सुबह 6 बजे से जेल के बाहर डटे परिजन

बुधवार को बेऊर जेल के बाहर सुबह 6 बजे से ही प्रदर्शनकारियों के दोस्त और परिजन उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन अब तक रिहाई नहीं होने पर उन्होंने कैमरे पर अपनी भड़ास निकाली. एक परिजन ने बताया कि जेल के अंदर लूट मची है. बच्चों के लिए जो सामान लेकर परिजन जा रहे हैं, उसे सिपाही लूट ले रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा, बच्चों के खाने की चीजों को सिपाही ही खा जा रहे हैं. कैदी का कपड़ा भी सिपाही पहन ले रहे हैं.

जेल में शोषण का आरोप

परिजनों ने यह भी बताया कि मुलाकात के लिए एजेंट घूम रहे हैं. पैसा देने पर तुरंत मुलाकात हो जा रही है लेकिन ऑनलाइन करने पर रिजेक्ट कर दिया जा रहा है. कई परिजनों ने तो जेल में बंद छात्रों के साथ शोषण का आरोप लगाया है. साथ ही उनका कहना है कि बच्चों को पुराने और खूंखार अपराधियों के बीच रखा जा रहा है. वे अपराधी बच्चों से पैसे मांग रहे हैं.

अब तक तेज प्रताप समेत 5 लोगों की रिहाई

जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार की तरफ से जारी नोटिस के बाद जेजेडी सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को मंगलवार को जेल से रिहा कर दिया गया था. उनके अलावा चार अन्य छात्रों को भी मंगलवार को ही छोड़ कर दिया गया था. इन सभी के जमानत के कागजात मंगलवार की देर शाम बेऊर जेल प्रशासन के पास पहुंचे और फिर उन्हें आवश्यक कागजी प्रक्रिया करने के बाद रिहा कर दिया गया. बेऊर जेल अधीक्षक ने तेजप्रताप यादव सहित पांच को रिहा करने की पुष्टि की थी. ऐसे में कहा जा रहा था कि आज बेऊर जेल से प्रदर्शनकारियों को छोड़ा जाएगा. इसी आस में परिजन सुबह से जेल के बाहर डटे हैं.

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