पटना से हिमांशु देव की रिपोर्ट
पटना स्मार्ट सिटी की पुरानी योजना के तहत 6.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 200 प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों का उपयोग अब नए तरीके से किया जाएगा. पहले इन दुकानों को जीविका को देने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अब इन्हें कॉम्फेड (सुधा) को सौंपने की तैयारी चल रही है. स्मार्ट सिटी और कॉम्फेड के बीच इस संबंध में समन्वय भी स्थापित हो चुका है. आचार संहिता समाप्त होने के बाद बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी.
सुधा उत्पादों की बिक्री के लिए तैयार होंगी दुकानें
गर्दनीबाग हाई स्कूल के पास रखी गई इन दुकानों पर पटना स्मार्ट सिटी और कॉम्फेड का संयुक्त लोगो लगाया जाएगा. इन दुकानों में सुधा बूथ की तर्ज पर दूध, दही, लस्सी, पेड़ा, आइसक्रीम और पेयजल सहित अन्य उत्पादों की बिक्री होगी. दुकानों के संचालन के लिए इच्छुक लोगों का चयन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा.
राजधानी में 40 स्थानों की पहचान पूरी
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इन दुकानों को शहर के प्रमुख पार्कों, चौराहों और सरकारी कार्यालयों के आसपास स्थापित किया जाएगा. फिलहाल राजधानी में 40 स्थानों की पहचान कर ली गई है. पहले चरण में शहर के भीतर दुकानों को स्थापित किया जाएगा. यदि सभी दुकानों के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिलती है, तो शेष दुकानों को शहर के बाहरी इलाकों में लगाया जाएगा.
दीघा रोटरी के पास वेंडिंग जोन की जगह बनेगी पार्किंग
जेपी गंगा पथ पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए दीघा वेंडिंग जोन योजना में भी बड़ा बदलाव किया गया है. अब दीघा रोटरी के पास प्रस्तावित वेंडिंग जोन को वाहन पार्किंग के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए पहले से लगाई जा रही दुकानों को हटाकर जगह खाली करा ली गई है. वेंडिंग जोन के लिए अब नए स्थान की तलाश की जा रही है.
वेंडिंग जोन के लिए नई जगह की तलाश जारी
स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त स्थान मिलते ही वहां दुकानों को स्थापित किया जाएगा. उद्देश्य यह है कि व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो. नई जगह तय होने के बाद दुकानों की स्थापना का कार्य शुरू किया जाएगा.
योजना में पहले भी कई बार हुआ बदलाव
जेपी गंगा पथ वेंडिंग योजना में इससे पहले भी कई बदलाव किए जा चुके हैं. शुरुआत में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से 500 दुकानें बनाने का प्रस्ताव था. बाद में जनवरी में इसे घटाकर 250 दुकानें कर दिया गया. इसके बाद योजना में फिर संशोधन करते हुए 7.17 करोड़ रुपये की लागत से 50 अत्याधुनिक और ब्रांडेड दुकानों के निर्माण का फैसला लिया गया. इस परियोजना का उद्देश्य नाइट लाइफ और टूरिज्म हब विकसित करना था, जहां बड़े ब्रांड्स के साथ स्थानीय वेंडरों को भी व्यवसाय का अवसर मिल सके.
नई योजना से व्यापार और यातायात दोनों को मिलेगा लाभ
स्मार्ट सिटी की नई रणनीति के तहत एक ओर कॉम्फेड के माध्यम से लोगों को बेहतर डेयरी उत्पाद उपलब्ध होंगे, वहीं दूसरी ओर दीघा रोटरी के पास पार्किंग विकसित होने से जेपी गंगा पथ पर ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है. इससे राजधानी में शहरी सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
