Patna News : पटना के बिहटा में पूर्व सैनिकों को जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. आईआईटी अमहरा थाना क्षेत्र में सामने आये इस मामले में एक पूर्व सैनिक की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शिकायतकर्ता ने करीब 69 पूर्व सैनिकों से जमीन उपलब्ध कराने के नाम पर राशि लेने और बाद में कथित तौर पर फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने का आरोप लगाया है. पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री और लेन-देन की जांच कर रही है.
69 पूर्व सैनिकों को जमीन देने का था दावा
पूर्व सैनिक राघवेंद्र कुमार ने अमहरा थाना में दिए आवेदन में बताया है कि सैनिक वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन इंडिया लिमिटेड के माध्यम से करीब 69 पूर्व सैनिकों को जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था. शिकायत में संस्था के चेयरमैन लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश राणा और कैप्टेन अर्जुन कुमार सिंह को पार्टनर बताया गया है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, पूर्व सैनिकों को जमीन दिखायी गयी और इसके बाद उनसे राशि ली गयी. आरोप है कि बाद में जमीन की रजिस्ट्री में कथित रूप से फर्जीवाड़ा किया गया. आवेदन में जमीन और उससे जुड़े लेन-देन में करोड़ों रुपये की राशि शामिल होने का दावा किया गया है.
जमीन दिखाकर राशि लेने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व सैनिकों को जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उनसे पैसे लिये गये. इसके बाद जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कथित अनियमितता की गयी. मामले में शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कराने और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
पुलिस की जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि जिन जमीनों का सौदा कराया गया, उनके वास्तविक मालिक कौन हैं, रजिस्ट्री किस तरीके से हुई और इसके लिए किन लोगों के बीच राशि का लेन-देन हुआ. दस्तावेजों की जांच के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.
पुलिस ने शुरू की जांच, गिरफ्तारी के निर्देश
शिकायत के आधार पर अमहरा थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है. मंगलवार देर रात दानापुर एसडीपीओ-2 अमरेंद्र कुमार झा ने बताया कि मामले का अनुसंधान जारी है. उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आयेगी, उनके खिलाफ गिरफ्तारी समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
पुलिस अधिकारियों ने संबंधित टीम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. जांच के दौरान जमीन के कागजात, रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज, कथित लेन-देन और शिकायत में लगाये गये अन्य आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है.
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले में सामने आये आरोपों की जांच की जा रही है. अनुसंधान पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित फर्जीवाड़े में कितनी राशि शामिल है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है.
