पटना के इन प्राइवेट स्कूलों की मान्यता होगी रद्द, लिस्ट जारी, जानें वजह

Patna: पटना के सात निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा जिला शिक्षा कार्यालय ने की है. आइये जानते हैं इस कार्रवाई के पीछे की वजह क्या है?

Patna: जिला शिक्षा कार्यालय ने जिले के सात निजी स्कूलों की प्रस्वीकृति (मान्यता) रद्द करने की अनुशंसा की है. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने जारी पत्र में कहा है कि जिले के प्रस्वीकृति प्राप्त सभी निजी विद्यालयों को आइटीइ के तहत अलाभकारी एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन लिया जाना था और वर्गवार आधार कार्ड संख्या के साथ इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रविष्टि किया जाना था, लेकिन जिले के सात स्कूलों ने इ-शिक्षा कोष पोर्टल बच्चों का डिटेल अपडेट नहीं किया. डाटा अपडेट नहीं होने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस संबंध में सात स्कूलों की प्रस्वीकृति रद्द करने के लिए प्राथमिक शिक्षा निदेशक से अनुशंसा की है.

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि स्कूलों में नामांकित सभी निजी स्कूलों को आधार संख्या सहित बच्चों का नाम पोर्टल अंकित किया जाना है. जिन निजी स्कूलों की प्रस्वीकृति रद्द की गयी, वहां अलाभकारी व कमजोर वर्ग के बच्चों का नामांकन जीरो है. इसके अलावा बिना आधार वाले बच्चों का नाम पोर्टल पर अंकित नहीं किया गया है. सभी स्कूलों को उनके नामांकित बच्चों का आधार संख्या के साथ इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रविष्टि करना अनिवार्य है.

मान्यता रद्द करने की अनुशंसा वाले स्कूल

-लिटि्ल फ्लावर स्कूल, बिहटा प्रखंड
-आरके पब्लिक स्कूल – पटना सदर प्रखंड
-मॉर्डन स्कूल -पटना सदर प्रखंड
-राजेंद्र पब्लिक स्कूल – पटना सदर प्रखंड
-सनराइज शिशु विद्या मंदिर – पटना सदर प्रखंड
-कैम्ब्रीज हाइस्कूल – पटना सदर प्रखंड
-आदर्श विद्यालय – पटना सदर प्रखंड

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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