पटना से राजगीर की घट जाएगी दूरी, जल्द शुरू होगा राजगीर-करौटा टूरिस्ट वे

Rajgir-Karouta Tourist Way: पर्यटकों के सफर को सुगम बनाने के लिए बहुत जल्द राजगीर-करौटा- टूरिस्ट वे शुरू होने जा रहा है. आने वाले दिनों में इससे टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.

Rajgir-Karouta Tourist Way: बिहार की राजधानी पटना से राजगीर की दूरी फिलहाल लगभग 108.5 किलोमीटर है. राजगीर में बिहार और बिहार के बाहर के लोग बड़ी संख्या आते हैं. राजगीर के सबसे व्यस्त टूरिस्ट प्लेस में से एक है. पटना से राजगीर रूट की दूरी कम होने वाली है क्योंकि बहुत जल्द राजगीर-करौटा टूरिस्ट वे पर गाड़ी चलनी शुरू हो जाएगी.

कितनी किलोमीटर दूरी हो जाएगी कम

सीएम नीतीश कुमार राजगीर-करौटा- टूरिस्ट वे के फोरलेन के निर्माण की आधारशीला रखने वाले है. इस सड़क के निर्माण से पटना से राजगीर की दूरी 31 किलोमीटर कम हो जाएगी. दूसरे शब्दों में कहे तो पटना से राजगीर की दूरी महज 77 किमी रह जाएगी.

सरकार का उद्देश्य

राजगीर-करौटा रोड नालंदा जिले और बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है. इससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि राजगीर के पर्यटन और धार्मिक महत्व को भी बढ़ाएगी. यह रोड बिहार सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जो राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित है.

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नरसंडा के पास बना है फ्लाई ओवर

डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि इस रूट पर सालेपुर-नरसंडा-तेलमर -करौटा पथ के 19 किलोमीटर सड़क निर्माण पर 265 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. फिलहाल इस टू लेन सड़क की चौड़ाई 10 मीटर रखी गई है. नरसंडा के पास फ्लाई ओवर का भी निर्माण कराया गया हैं. सीएम नीतीश ने इस सड़क परियोजना का शिलान्यास 2021 में किया था. डीएम ने बताया कि सालेपुर-नरसंडा-तेलमर -करौटा पथ का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया हैं. आगे जाकर यही रोड करौटा-राजगीर टूरिस्ट वे बन जाएगा.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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