Patna News : पेपरलेस जमीन निबंधन व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज नवीस संघ ने शुक्रवार को निबंधन कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया. संघ के सदस्यों ने सरकार की नई व्यवस्था का विरोध करते हुए इसे दस्तावेज लेखकों के रोजगार पर संकट बताया और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की.
'कातिबों के अस्तित्व की लड़ाई है
दस्तावेज नवीस संघ के पूर्व सचिव सुभाष चंद्र सिंह ने कहा कि यह आंदोलन कातिबों के अस्तित्व की रक्षा के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज लेखक एकजुट होकर सरकार की इस नीति का विरोध करेंगे. यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
सरकार से भूमिका स्पष्ट करने की मांग
संघ ने सरकार से मांग की कि किसी भी नई निबंधन प्रणाली में दस्तावेज लेखकों की भूमिका स्पष्ट की जाए. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर कातिबों को बेरोजगार करने की मंशा सफल नहीं होने दी जाएगी और इस व्यवस्था का मजबूती से विरोध जारी रहेगा.
पेपरलेस व्यवस्था से बढ़ेंगी परेशानियां
दस्तावेज नवीस राजू कुमार ने कहा कि सरकार की इस नीति से राज्य के हजारों दस्तावेज नवीस बेरोजगार हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे न केवल रोजगार प्रभावित होगा, बल्कि जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में भी कई व्यावहारिक और तकनीकी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं. उन्होंने बताया कि संघ ने शनिवार को धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है.
निबंधन पदाधिकारी ने कही यह बात
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सभी निबंधन कार्यालयों में चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस निबंधन प्रणाली लागू करने की घोषणा की है. इस निर्णय के बाद दस्तावेज नवीसों में नाराजगी है. वहीं निबंधन पदाधिकारी कुमारी स्वीटी ने बताया कि अब तक संघ की ओर से कोई लिखित आवेदन या ज्ञापन उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रांतीय महामंत्री उदय कुमार सिन्हा की ओर से भी कोई लिखित सूचना नहीं दी गई है.
