PMCH में बड़ी कार्रवाई, छात्रों और शिक्षकों की शिकायत पर पैथोलॉजी विभाग के HOD पर कार्रवाई

Patna News: PMCH में मेडिकल छात्रों और शिक्षकों की शिकायत के बाद पैथोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. देवेंद्र प्रसाद हटाए गए.

Patna News:(आनंद तिवारी) पटना मेडिकल कॉलेज (PMCH) अस्पताल में एकेडमिक व्यवस्था में लापरवाही एक वरिष्ठ डॉक्टर पर भारी पड़ गई. मेडिकल छात्रों और शिक्षकों की शिकायत के बाद पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. देवेंद्र प्रसाद को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है.

डॉ. पीके झा बने नए विभागाध्यक्ष

PMCH प्रशासन ने डॉ. देवेंद्र प्रसाद की जगह पैथोलॉजी विभाग का नया एचओडी डॉ. प्रकाश चंद्र झा को बनाया है. उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है.

शिक्षकों ने लगाए थे गंभीर आरोप

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

पीएमसीएच सूत्रों के अनुसार, विभाग के कई शिक्षकों ने पूर्व HOD डॉ. देवेंद्र प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए थे. शिकायत में कहा गया था कि विभाग के छह एसोसिएट प्रोफेसरों को किसी भी पीजी छात्र का गाइड नहीं बनाया जा रहा था, जिससे उनके शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे.

एप्रेजल रिपोर्ट रोकने का भी आरोप

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शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि एचओडी द्वारा एसोसिएट प्रोफेसरों की एप्रेजल रिपोर्ट प्राचार्य कार्यालय तक नहीं भेजी जा रही थी. जबकि कॉलेज प्राचार्य की ओर से कई बार लिखित रूप से एप्रेजल रिपोर्ट मांगी गई थी. शिकायत मिलने के बाद पीएमसीएच प्रशासन ने मामले की जांच कराई और जांच के बाद डॉ. देवेंद्र प्रसाद को पद से हटाने का आदेश जारी किया गया.

PMCH में अन्य विभागों के HOD भी बदलेंग

पीएमसीएच प्रशासन अब अन्य विभागों में भी विभागाध्यक्षों को बदलने की तैयारी कर रहा है. इस संबंध में कॉलेज प्राचार्य ने सभी चिकित्सक शिक्षकों से राय मांगी है. हाल ही में इस विषय को लेकर एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें सभी विभागाध्यक्षों को जानकारी दी गई.

प्राचार्य ने शिक्षकों से मांगी राय

बताया गया कि इससे पहले भी प्राचार्य ने सभी चिकित्सक शिक्षकों से इस संबंध में सुझाव मांगे थे, लेकिन केवल 60 शिक्षकों ने ही अपनी राय दी थी. शेष शिक्षकों से भी विचार लेने के लिए बैठक आयोजित की गई.

NMC के नए नियम के तहत होगा बदलाव

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेंद्र प्रताप ने बताया कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली द्वारा जारी 30 मई 2025 के गजट के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन संशोधन 2025 लागू किया गया है. इसके तहत विभागाध्यक्ष का कार्यकाल प्रत्येक तीन वर्ष पर बदला जाना अनिवार्य है.

रोटेशन के आधार पर होगी नियुक्ति

प्राचार्य ने बताया कि विभागों में प्राध्यापक और सह-प्राध्यापकों को रोटेशन के आधार पर विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा, ताकि विभागों का कार्य बेहतर और सुचारू रूप से संचालित हो सके. सभी शिक्षकों की राय लेने के बाद जल्द ही इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

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Published by: Karunatiwari

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