Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
पटना स्थित महावीर मंदिर में एक नई धार्मिक परंपरा की शुरुआत होने जा रही है. 29 जुलाई 2026 से “शिखर ध्वज-पूजा” का विधिवत आरंभ किया जाएगा, जिसके तहत अब प्रत्येक पूर्णिमा के दिन मंदिर के मुख्य शिखर पर विशेष पूजा के साथ ध्वज परिवर्तन किया जाएगा.
ध्वज को माना जाता है आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
मंदिर प्रबंधन के अनुसार शिखर पर लगा ध्वज आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है. इसका दर्शन और पूजन करने से पूरे मंदिर में स्थित सभी देवताओं की उपासना का फल प्राप्त होता है. परंपरागत रूप से पूर्णिमा के दिन ध्वज-पूजन कर उसे बदला जाता रहा है.
पूर्णिमा पर विशेष पूजा की नई परंपरा
अब तक केवल रामनवमी और हनुमान जयंती जैसे विशेष अवसरों पर ही शिखर के ध्वजों की विशेष पूजा और परिवर्तन किया जाता था. लेकिन नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पूर्णिमा को भी विशेष विधि-विधान से पूजा कर ध्वज बदला जाएगा.
दो घंटे चलेगी विशेष पूजा
श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि यह विशेष पूजा मंदिर परिसर में मुख्य ध्वज के पास लगभग दो घंटे तक विधिवत रूप से की जाएगी. इस दौरान मंत्रोच्चार और संकल्प के साथ ध्वज को अभिमंत्रित कर शिखर पर चढ़ाया जाएगा.
श्रद्धालुओं की मांग पर लिया गया निर्णय
मंदिर प्रशासन के अनुसार लंबे समय से श्रद्धालु यह मांग कर रहे थे कि पूर्णिमा के अवसर पर भी शिखर ध्वज की विशेष पूजा की जाए. देश के कई प्राचीन मंदिरों में ऐसी परंपरा पहले से मौजूद है, जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
29 जुलाई 2026 से होगी शुरुआत
इस नई धार्मिक परंपरा की शुरुआत आषाढ़ पूर्णिमा, 29 जुलाई 2026 से की जाएगी. इसके बाद हर पूर्णिमा को यह विशेष पूजा आयोजित की जाएगी.
श्रद्धालुओं के लिए खुलेगा अवसर
मंदिर प्रशासन ने बताया कि इस विशेष पूजा में श्रद्धालु भी शामिल हो सकेंगे. जिन लोगों ने शुल्क जमा किया है, उनके नाम पर सार्वजनिक रूप से पूजा संपन्न की जाएगी.
