Patna News: (सुबोध कुमार नंदन की रिपोर्ट)
पटना सहित बिहार में एलपीजी उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप मच गया है. तीनों सरकारी गैस कंपनियों ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 10 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले उपभोक्ताओं को गैस सब्सिडी से बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए लाखों उपभोक्ताओं को अलर्ट मैसेज भेजा जा रहा है.
10 लाख से ज्यादा आय वालों की सब्सिडी होगी बंद
तेल कंपनियों के अनुसार जिन उपभोक्ताओं या उनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें गैस सब्सिडी के दायरे से बाहर किया जाएगा. ऐसे उपभोक्ताओं को केवल 7 दिन का समय दिया गया है, जिसमें वे आपत्ति दर्ज करा सकते हैं.
लाखों उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा मैसेज
सूत्रों के अनुसार पटना सहित पूरे बिहार में 20 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को यह अलर्ट मैसेज भेजा जा रहा है. मैसेज में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो सब्सिडी स्वतः बंद कर दी जाएगी.
234.65 लाख उपभोक्ता आए रडार पर
बिहार में कुल 234.65 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं. इनमें आईओसी के 110.57 लाख, बीपीसीएल के 57.05 लाख और एचपीसीएल के 67.01 लाख उपभोक्ता शामिल हैं. अकेले पटना में भी 13 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता बताए जा रहे हैं.
सरकारी कर्मचारी और कारोबारी प्रभावित होंगे
इस नई व्यवस्था से सरकारी कर्मचारी, अधिकारी, कारोबारी और उच्च आय वर्ग के उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे. सरकार का उद्देश्य केवल पात्र और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी देना है.
मृत उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी जांच के दायरे में
गैस कंपनियों ने मृत उपभोक्ताओं के कनेक्शनों की भी जांच शुरू कर दी है. आधार डाटाबेस के जरिए ऐसे कनेक्शनों की पहचान की जा रही है जिनके धारक अब जीवित नहीं हैं.
30 दिन में ट्रांसफर नहीं तो कनेक्शन बंद
कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके परिवार को 30 दिन के भीतर कनेक्शन को वैध सदस्य के नाम ट्रांसफर कराना होगा, अन्यथा कनेक्शन स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा.
टोल फ्री नंबर से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
यदि किसी उपभोक्ता को इस कार्रवाई पर आपत्ति है तो वे टोल फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं.
सरकारी स्तर पर चल रही है प्रक्रिया
गैस कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के निर्देश पर की जा रही है और मैसेज सीधे मुख्यालय से भेजे जा रहे हैं.
