Patna News: पटना में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. पीएमसीएच, एम्स पटना और आईजीआईएमएस में इबोला संदिग्ध मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं. अस्पताल प्रशासन ने तैयारी भी तेज कर दी है.
तीनों बड़े अस्पतालों में बनेगा अलग वार्ड
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद पटना के पीएमसीएच, एम्स और आईजीआईएमएस में इबोला मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किया जा रहा है. अस्पतालों में 5 से 7 बेड की विशेष व्यवस्था की जा रही है.
लक्षण दिखने पर तुरंत जांच की अपील
चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, उल्टी और गले में खराश जैसे लक्षणों को हल्के में न लें. ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
अस्पताल प्रशासन की तैयारी शुरू
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयारी की जा रही है. वहीं आईजीआईएमएस ने भी निर्देश मिलते ही तैयारी शुरू करने की बात कही है.
जिला स्तर तक भेजे जाएंगे निर्देश
सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र कुमार ने कहा कि राज्य स्तर से दिशा-निर्देश मिलते ही उन्हें जिला अस्पतालों तक भेजा जाएगा, ताकि सभी जगह सतर्कता बरती जा सके.
इबोला वायरस क्या है
इबोला वायरस सबसे पहले 1976 में कांगो गणराज्य में पाया गया था. यह मुख्य रूप से जंगली जानवरों से इंसानों में फैलता है और फिर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से संक्रमण करता है.
कैसे फैलता है वायरस
चिकित्सकों के अनुसार यह वायरस हवा से नहीं फैलता, बल्कि सीधे संपर्क से फैलता है. संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ जैसे लार या अन्य संपर्क से संक्रमण हो सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है.
