Patna News: (अजीत कुमार की रिपोर्ट) पटना के नवादा स्थित वाल्मी गोदाम में संचालित सुलभ इंडेन सेवा के बाहर शुक्रवार को गैस सिलेंडर नहीं मिलने से उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा. सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसी के बाहर जमा हो गए और वितरण व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा.
सुबह चार बजे से लाइन में लगे थे उपभोक्ता
स्थानीय लोगों के अनुसार सुलभ इंडेन सेवा के पास क्षेत्र के सबसे अधिक गैस उपभोक्ता हैं. इसके बावजूद गैस वितरण व्यवस्था संतोषजनक नहीं है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि सिलेंडर प्राप्त करने के लिए उन्हें कई दिनों तक एजेंसी का चक्कर लगाना पड़ता है. शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोग सुबह चार बजे से ही लाइन में खड़े हो गए थे. घंटों इंतजार के बाद भी गैस नहीं मिलने से लोगों का गुस्सा बढ़ता गया और एजेंसी परिसर के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई.
गेट बंद करने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह पांच बजे से लेकर करीब दस बजे तक एजेंसी के बाहर भारी भीड़ लगी रही. कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी प्रबंधन उनकी शिकायत सुनने के बजाय गेट बंद कर देता है और गैस वितरण को लेकर स्पष्ट जानकारी भी नहीं देता. लोगों का कहना था कि घरेलू गैस जैसी आवश्यक सेवा के लिए उन्हें बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराया और व्यवस्थित तरीके से कतार लगवाकर गैस सिलेंडरों का वितरण शुरू कराया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित कर उपभोक्ताओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से सिलेंडर वितरण कराया गया.
पहले भी हो चुका है हंगामा
उपभोक्ताओं का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है. गैस सिलेंडर की कमी और वितरण में अनियमितता को लेकर पहले भी कई बार हंगामा, प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी स्थिति बन चुकी है. लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था को पहले की तरह नियमित और सुचारु बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बार-बार परेशानी न झेलनी पड़े.
आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उनका कहना है कि घरेलू गैस आम जरूरत की वस्तु है और इसके लिए घंटों लाइन में लगना तथा हंगामा करना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
