फुलवारी शरीफ में बच्चों ने समर कैंप में सीखी मधुबनी पेंटिंग, कबाड़ से जुगाड़ और आत्मनिर्भरता के गुर

Patna News: पटना के फुलवारी शरीफ ब्लॉक में शिक्षिका नीतू शाही द्वारा एक निशुल्क समर कैंप का आयोजन किया गया है. इस कैंप में बच्चे कबाड़ से जुगाड़ क्राफ्ट, मधुबनी पेंटिंग, ब्यूटिशियन प्रशिक्षण, डांस, योग और संस्कार शिक्षा दिया जा रहा है. कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान को बढ़ावा देना है.

Patna News: (सतीश कुमार की रिपोर्ट) राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ ब्लॉक के समीप स्थित शिव मंदिर के सामुदायिक भवन में इन दिनों बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह का एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. प्राथमिक विद्यालय प्रखंड कॉलोनी की शिक्षिका नीतू शाही द्वारा आयोजित विशेष समर कैंप में बड़ी संख्या में बच्चे विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी गर्मी की छुट्टियों को यादगार बना रहे हैं. आमतौर पर छुट्टियों में घर बैठकर समय बिताने वाले इन बच्चों के लिए यह कैंप एक बेहतरीन मंच साबित हो रहा है.

कैंप में शामिल बच्चों का कहना है कि उन्हें इस बार छुट्टियों में कहीं और घूमने जाने से कहीं ज्यादा मजा इस समर कैंप में आ रहा है. यहां वे हर दिन कुछ नया, उपयोगी और दिलचस्प सीख रहे हैं.

मधुबनी पेंटिंग से लेकर कबाड़ से जुगाड़ तक, मिल रही निशुल्क ट्रेनिंग

इस समर कैंप की सबसे खास बात यह है कि यहां बच्चों को पूरी तरह से निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बच्चों के हुनर को तराशने के लिए कई तरह के रचनात्मक कोर्स शामिल किए गए हैं-

  • कबाड़ से जुगाड़ क्राफ्ट: बेकार पड़ी चीजों से सुंदर और उपयोगी सामान बनाना.
  • मधुबनी पेंटिंग: बिहार की पारंपरिक और विश्व प्रसिद्ध लोक कला की बारीकियां.
  • ब्यूटिशियन प्रशिक्षण व योग: युवतियों और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वस्थ रहने के गुर.
  • डांस, पेंटिंग और संस्कार शिक्षा: बच्चों के शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास पर जोर.

इस समर कैंप में विशेषज्ञ ट्रेनर बच्चों को सिखा रहे हैं. मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण साधना कुमारी द्वारा दिया जा रहा है, जबकि लवली कुमारी बच्चों को डांस के स्टेप्स सिखा रही हैं. वहीं, ब्यूटिशियन कोर्स और जनरल पेंटिंग की कमान खुद शिक्षिका नीतू शाही ने संभाल रखी है.

गर्मी की छुट्टियों को आराम नहीं, सपनों को उड़ान देने का जरिया बनाया

शिक्षिका नीतू शाही ने कैंप के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने गर्मी की छुट्टियों को केवल आराम करने या सोने का समय नहीं बनने दिया. बल्कि, इसे बच्चों के भीतर छिपे सपनों और प्रतिभा को एक नई दिशा देने का जरिया बनाया है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इन मासूम बच्चों के बीच रहकर उनके सपनों, उनके संघर्षों और उनके सीखने के उत्साह को महसूस करना मेरे लिए किसी बड़े पुरस्कार या उपलब्धि से कम नहीं है. बच्चों के चेहरों की यह चमक और कुछ नया सीखने की ललक ही मेरी असली ताकत है.

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की थीम पर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश

नीतू शाही ने आगे बताया कि वह हमेशा से देश के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की मूल भावना से प्रेरित होकर कार्य करती रही हैं. इस कैंप में ब्यूटिशियन और क्राफ्ट जैसी चीजें सिखाने के पीछे की सोच भी यही है कि जब समाज की कोई बेटी हुनरमंद होकर आत्मनिर्भर बनती है, तो उससे पूरा परिवार सशक्त होता है.

कैंप में भाग ले रहे छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ कहा कि पहली बार उन्हें अपने ही इलाके में ऐसी उपयोगी चीजें सीखने का अवसर मिला है, जो उनके भविष्य और करियर में बेहद काम आएंगी. यह समर कैंप इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग शिक्षिका की इस निस्वार्थ सेवा की सराहना कर रहे हैं.

Also Read: ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत युवा संगम’ के लिए बिहार के 50 युवा पंजाब रवाना, IIT पटना से मंत्री संजय कुमार ने दिखाई हरी झंडी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >