Patna News: (अनुपम कुमार) पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच बिहार में सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ सकता है। परिवहन कर्मियों और वाहन मालिकों ने 20 से 25 फीसदी तक किराया वृद्धि की मांग उठाने के संकेत दिए हैं. इसको लेकर रविवार को विभिन्न परिवहन संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
परिवहन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित
ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के प्रांतीय महासचिव राजकुमार झा ने बताया कि डीजल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से परिवहन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी कारण किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. बैठक में ऑटो चालक, बस मालिक, ट्रक संचालक और अन्य परिवहन कर्मी शामिल होंगे.
उन्होंने कहा कि बैठक में सहमति बनने के बाद सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों और परिवहन सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही सरकार से परिवहन कर्मियों की समस्याओं पर विचार करते हुए किराया वृद्धि की अनुमति देने का आग्रह किया जाएगा। सरकारी सहमति मिलने के बाद ही नई दरें लागू की जाएंगी.
डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन खर्च पर विस्तार से चर्चा
इधर बिहार स्टेट मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि किराया वृद्धि की संभावना तो है, लेकिन यह बढ़ोतरी सीमित हो सकती है. उन्होंने बताया कि पाटलिपुत्र अंतरराज्यीय बस स्टैंड में रविवार को संगठन की बैठक होगी, जिसमें डीजल की बढ़ती कीमतों और परिवहन खर्च पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
वहीं प्रगतिशील ऑटो चालक यूनियन, पटना जिला के महासचिव नवीन मिश्रा ने कहा कि मल्टी लेवल पार्किंग परिसर में रविवार दोपहर संगठन की बैठक बुलाई गई है। बैठक में यह तय किया जाएगा कि किराया बढ़ाना जरूरी है या नहीं। यदि सदस्यों की सहमति बनी तो सोमवार को सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा.
आम यात्रियों पर पड़ सकता है असर
यदि परिवहन विभाग किराया वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक वाहनों में सफर करना महंगा हो सकता है. इसका सीधा असर रोजाना यात्रा करने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा.
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