Patna News: (मोनु कुमार मिश्रा की रिपोर्ट) महान स्वतंत्रता सेनानी और किसान नेता स्वामी सहजानंद सरस्वती की कर्मभूमि, उनके आश्रम एवं समाधि स्थल प्रांगण में रविवार से एक नई और अनुकरणीय पहल की शुरुआत की गई है. यहाँ स्थानीय बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में ‘साप्ताहिक बैठकी’ कार्यक्रम का आगाज किया गया. इस उद्घाटन बैठक की अध्यक्षता जीनपुरा निवासी पूर्व शिक्षक उमेश शर्मा ने की.
वरिष्ठ अभिभावक करेंगे बैठक की अध्यक्षता
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया गया. इसके तहत अब प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाली इस साप्ताहिक बैठकी की अध्यक्षता समाज के सबसे वरिष्ठ और वयोवृद्ध अभिभावक करेंगे, ताकि उनके अनुभवों का लाभ समाज को मिल सके. इस अनूठी बैठकी में बदलते सामाजिक और पारिवारिक परिवेश से जुड़े विभिन्न गंभीर व महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
बुजुर्गों के सम्मान और असहायों की मदद पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक ताने-बाने में बुजुर्गों के सम्मान, उनकी सुरक्षा और उचित देखभाल की भावना को युवा पीढ़ी में मजबूत करने की सख्त आवश्यकता है. इसके साथ ही बैठक में समाज के कल्याण के लिए कई बड़े संकल्प लिए गए, जिसमें मुख्य रूप से:
- आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा जारी रखने में आर्थिक व मानसिक सहयोग प्रदान करना.
- अस्पतालों में भर्ती असहाय व गरीब मरीजों की जान बचाने के लिए नियमित रूप से रक्तदान (ब्लड डोनेशन) अभियान चलाना.
- आगामी शीतकाल (सर्दियों के मौसम) में क्षेत्र के अत्यंत जरूरतमंद और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों के बीच कंबल वितरण करना.
सामाजिक एकता और सहयोग से मजबूत होगा समाज
साप्ताहिक बैठकी में उपस्थित सभी लोगों ने सामाजिक एकता, पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों और आपसी भाईचारे व सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया. बैठक के समापन पर उपस्थित लोगों ने समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने तथा जरूरतमंदों की त्वरित सहायता के लिए एक संगठित मंच के रूप में कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया. वक्ताओं ने अंत में कहा कि किसी भी समाज की असली मजबूती उसकी आपसी एकता और संकट के समय एक-दूसरे के सहयोग में ही निहित है. इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
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