पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट
पटना जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस पिकेट्स को सक्रिय करते हुए 79 नए आउट पोस्ट (ओपी) का गठन किया गया है. इन सभी ओपी में ओपी प्रभारी के साथ पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की तैनाती की गई है, ताकि कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके.
हर ओपी में तैनात होंगे 10 पुलिस पदाधिकारी और जवान
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार प्रत्येक नवसृजित ओपी में 10-10 पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात किए जाएंगे. फिलहाल सभी ओपी में एसआई और एएसआई रैंक के अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है, जबकि क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार चार से पांच जवानों की भी तैनाती की गई है. आने वाले समय में सभी स्वीकृत पदों पर नियुक्ति पूरी की जाएगी.
अपराधियों की गतिविधियों पर रहेगी 24 घंटे नजर
नई व्यवस्था के तहत पुलिस केवल गश्त ही नहीं करेगी, बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी भी रखेगी. हत्या, लूट, डकैती और अन्य गंभीर मामलों में जेल से छूटे या संदिग्ध अपराधियों की दैनिक गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी. किसी भी संभावित वारदात को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
हाल की घटनाओं के बाद लिया गया बड़ा फैसला
हाल के दिनों में पटना और आसपास के इलाकों में हुई हत्या, लूट, डकैती और छिनतई की घटनाओं का विश्लेषण करने के बाद यह निर्णय लिया गया. जांच में सामने आया कि अपराधी अक्सर ऐसे इलाकों को निशाना बनाते हैं, जहां से घटना के बाद आसानी से फरार हो सकें. इसी को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और दूर-दराज क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने का फैसला लिया गया है.
पुलिस अधीक्षक को दिए गए विशेष निर्देश
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (प्रशासन), पटना को निर्देश दिया गया है कि नवसृजित सभी ओपी में पुलिस केंद्र से 10-10 सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करें. अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और आम लोगों को अधिक सुरक्षित माहौल मिलेगा.
