शंभू गर्ल्स हॉस्टल केस में बड़ा अपडेट, सीबीआई ने कोर्ट में सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, अब 1 जून को होगी सुनवाई

Patna NEET Student: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई जांच तेज हो गई है. मेडिकल रिकॉर्ड दिल्ली मेडिकल बोर्ड भेजे गए हैं, जबकि मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध लिखावट की जांच भी जारी है. अब केस की अगली सुनवाई 1 जून को होगी.

Patna NEET Student: पटना के एक हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी करने वाली छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में CBI ने कार्रवाई तेज कर दी है. शुक्रवार को सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच से जुड़ी एक स्टेटस रिपोर्ट पॉक्सो एक्ट के स्पेशल जज राजीव रंजन रमण की अदालत में पेश की. अदालत को सौंपे गए इस नए रिपोर्ट में केंद्रीय एजेंसी ने अब तक की गई पूरी छानबीन का ब्योरा दिया है.

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके. इस पूरे मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 1 जून की तारीख तय की है.

दिल्ली के बड़े मेडिकल बोर्ड से ली जा रही है स्वतंत्र राय

सीबीआई ने अदालत में कहा कि छात्रा के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स, दवाइयों की पर्चियां और अन्य जरूरी दस्तावेजों को नई दिल्ली स्थित मल्टी इंस्टीट्यूशनल मेडिकल बोर्ड के पास भेजा गया है. इसके अलावा, छात्रा की मौत के असली कारणों को समझने के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के डॉक्टरों की अंतिम रिपोर्ट और अलग-अलग विभागों से मिलने वाली लंबित रिपोर्टों पर भी लगातार काम किया जा रहा है. कुछ संदिग्ध दस्तावेजों पर मौजूद हैंडराइटिंग का मिलान करने के लिए नई दिल्ली की सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (CFSL) की मदद ली जा रही है.

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हॉस्टल मालिक के मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही सीबीआई

सीबीआई ने कोर्ट को जानकारी दी है कि स्थानीय पुलिस द्वारा शुरुआत में जब्त किए गए सभी 9 मोबाइल फोनों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. इन मोबाइलों में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मुख्य आरोपी और मालिक मनीष रंजन के दो मोबाइल फोन भी शामिल हैं.

फॉरेंसिक लैब से इन मोबाइलों के अंदर का जो भी डेटा और चैट निकाली गई है, सीबीआई की टीम उसका विश्लेषण कर रही है. शंभू गर्ल्स हॉस्टल के भीतर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी लगातार खंगाला जा रहा है ताकि घटना वाले दिन की हर एक गतिविधि को साफ तौर पर समझा जा सके.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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