पटना हॉस्टल कांड: 18 लोगों में से किसी का DNA नहीं हुआ मैच, परिजन बोले- CBI पर भरोसा नहीं

Patna NEET Student Death: पटना में नीट छात्रा मौत मामले में नया अपडेट है. 18 लोगों के DNA सैंपल लिए गए थे. इसमें से किसी का भी DNA मैच नहीं हुआ है. सीएम नीतीश की सीबीआई जांच की सिफारिश पर परिजनों ने कहा कि उन्हें सीबीआई पर कोई भरोसा नहीं है.

Patna NEET Student Death: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में सीबीआई जांच करेगी. इससे पहले शनिवार को खुलासा यह हुआ है कि किसी का भी डीएनए मैच नहीं हो पाया. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, DNA सैंपल की जांच रिपोर्ट अब जांच एजेंसियों को मिल चुकी है. जिन 18 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, उनमें से किसी का भी मिलान नहीं हुआ है.

छात्रा के कपड़े पर मेल स्पर्म की हुई थी पुष्टि

जानकारी के मुताबिक, छात्रा के पिता, मामा, हॉस्टल संचालक के बेटे और बिल्डिंग मालिक के बेटे से भी DNA मैच नहीं हो पाया है. दरअसल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के कपड़े पर मेल स्पर्म की पुष्टि हुई थी. यह रिपोर्ट आने के बाद ही छात्रा के साथ दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई थी. जांच आगे बढ़ी और 18 लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए थे. लेकिन अब नया अपडेट है कि किसी का भी डीएनए मैच नहीं हो पाया है.

सीएम नीतीश ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

पटना में छात्रा की मौत मामले में अब सीबीआई जांच की जाएगी. शनिवार को सुबह उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक पोस्ट शेयर कर जानकारी दी थी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था, ‘बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को CBI से जांच का आग्रह किया है. घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए.’

परिजनों ने सीबीआई जांच को लेकर क्या कहा?

मामले में सीबीआई जांच को लेकर परिजनों ने कहा कि हमने कभी भी सीबीआई जांच की मांग नहीं की. बल्कि न्यायिक जांच की मांग की थी. जिस तरह से बिहार पुलिस लीपापोती कर रही थी, ऐसे में हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के अधीन जांच हो. सब कुछ सबूत मिटाकर अब केस सीबीआई को सौंपा जा रहा है. क्या आपको लगता है कि ऐसे में इंसाफ मिल सकेगा.

परिजन ने डीजीपी पर लगाया आरोप

परिजन ने यह भी कहा कि सीबीआई वही करेगी जो डीजीपी कहेंगे. सीबीआई पर भरोसा था लेकिन सीबीआई का इस्तेमाल हमलोग को डराने-धमकाने के लिए डीजीपी की तरफ से किया गया. इसलिए अब सीबीआई पर भी भरोसा नहीं. जो काम एसआईटी ने किया है वही काम सीबीआई भी करेगी. हमारी मांग है कि हाई कोर्ट या फिर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश में जांच हो. जो सबूत मिटाए गए, जो भी जांच में खामिया हैं, उसको देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जाए.

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Published by: Preeti Dayal

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