Patna Nagar Nigam : पटना में निकाय कर्मियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. रोजाना निकलने वाले करीब 1100 टन कचरे का उठाव नहीं हो पाने से दो दिनों में लगभग 2200 टन कचरा शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा हो गया. हालात ऐसे हो गए कि सड़क किनारे, गली-मोहल्लों और खाली जगहों पर फिर से अस्थायी कूड़ा प्वाइंट बन गए. अटल पथ सर्विस लेन से लेकर राजीव नगर, शिवपुरी, बाबा चौक, बाजार समिति, कांटी फैक्ट्री रोड, बहादुरपुर कॉलोनी, कदमकुआं, लोदीपुर, छज्जूबाग, राजेंद्रपथ, किदवईपुरी और आर ब्लॉक तक कई इलाकों में कचरे का अंबार लग गया.
स्थिति बिगड़ती देख पटना नगर निगम ने शुक्रवार की रात बड़ा कदम उठाया. पुलिस बल की मौजूदगी में रात करीब 10 बजे से विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया, जो देर रात तक चलता रहा. इस दौरान पोकलेन मशीन, कचरा उठाने वाले वाहनों और अन्य संसाधनों की मदद से सैदपुर, कंकड़बाग, कदमकुआं, न्यू मार्केट और पटना जंक्शन जैसे प्रमुख इलाकों से कचरे का उठाव कराया गया. मौके पर अपर नगर आयुक्त कृष्ण स्वरूप, उप नगर आयुक्त जया समेत कई अधिकारी मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे.
हड़ताल से बिगड़ी सफाई व्यवस्था, शहर में बढ़ा खतरा
नगर निगम के अनुसार, पिछले साल शहर से 650 कूड़ा प्वाइंट हटाकर स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल की गई थी. इस साल भी 85 स्थानों से कूड़ा प्वाइंट खत्म किए गए थे. लेकिन मौजूदा हड़ताल के कारण कई जगहों पर फिर से कचरा जमा होने लगा है. बारिश के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है. बदबू, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा लोगों को परेशान कर सकता है. शहर में डेंगू के मामले सामने आना शुरू हो चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है.
यार्ड में खड़े रहे वाहन, ठप पड़ा काम
हड़ताल में वाहन चालक, सुपरवाइजर और सफाई कर्मियों समेत आठ हजार से अधिक निकाय कर्मचारी शामिल हैं. इनके काम पर नहीं आने से बाजार समिति, पानी टंकी, यारपुर और कंकड़बाग जैसे इलाकों में कचरा उठाने वाले वाहन यार्ड में ही खड़े रह गए. पटना नगर निगम के 75 वार्डों को 375 सेक्टर में बांटकर सफाई कराई जाती है, लेकिन हड़ताल के कारण यह व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई.
आज से हर वार्ड में बनेगी अतिरिक्त टीम
नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने शुक्रवार को सभी अधिकारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शनिवार से हर वार्ड में पहले से तैनात सफाई कर्मियों के साथ 15 से 20 अतिरिक्त सहयोगियों की टीम बनाई जाएगी. सभी वरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने और विशेष सफाई अभियान चलाने को कहा गया है. निगम का दावा है कि अतिरिक्त मानवबल के सहारे जल्द ही हालात सामान्य होने लगेंगे.
मांगों को लेकर अड़े कर्मी, 2023 का समझौता बना मुद्दा
पटना नगर निगम चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के अनुसार, वर्ष 2023 में यह समझौता हुआ था कि निजी एजेंसी के कर्मियों को निगम द्वारा सीधे भुगतान किया जाएगा और साल में दो बार न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाएगी. लेकिन यह लागू नहीं हुआ और एजेंसियां मनमाने तरीके से भुगतान कर रही हैं. कर्मियों की तीन प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मचारियों को नियमित करना, आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर समायोजन करना और एसीपी व एमएसीपी पर लगी रोक हटाना शामिल है. निगम में फिलहाल 647 स्थायी, 3816 दैनिक और 4822 आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी कार्यरत हैं.
कार्रवाई की चेतावनी, बाधा डालने पर होगी एफआईआर
नगर निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अनुबंध के अनुसार पर्याप्त कर्मी उपलब्ध नहीं कराने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई होगी. ड्यूटी से अनुपस्थित रहने या काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे. साथ ही सफाई कार्य में बाधा डालने या कर्मियों को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. अभियान के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है और अतिरिक्त बल की मांग भी की गई है.
