Patna Metro: पटना मेट्रो परियोजना को एक बड़ी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है. रेलवे से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल गया है. अब राजेंद्र नगर इलाके में रुका हुआ टनल निर्माण का काम दोबारा शुरू होगा. 12 मार्च से मोइनुल हक स्टेडियम और राजेंद्र नगर टर्मिनल के बीच टनल की खुदाई शुरू की जाएगी.
यह हिस्सा पटना मेट्रो कॉरिडोर-2 का अहम भाग है. यहां लगभग 800 मीटर लंबी टनल बनाने के लिए खुदाई की जाएगी. इससे परियोजना के लंबे समय से रुके काम को फिर से गति मिलने की उम्मीद है.
तीन महीने बाद फिर शुरू होगा काम
रेलवे की अनुमति नहीं मिलने के कारण दिसंबर 2025 से इस हिस्से में टनल निर्माण का काम बंद पड़ा था. अब मंजूरी मिलने के बाद लगभग तीन महीने बाद निर्माण कार्य फिर शुरू होगा.
दरअसल, मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर टर्मिनल होते हुए मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से पहले तक करीब 1800 मीटर लंबी टनल बनाई जानी है. इस हिस्से का काम पहले तेजी से चल रहा था, लेकिन रेलवे लाइन के पास खुदाई के लिए अनुमति जरूरी थी.
टनल निर्माण में लगेगी TBM मशीन
टनल निर्माण के लिए पटना मेट्रो की ओर से दो टनल बोरिंग मशीन (TBM) पहले से ही तैनात की गई हैं. इन मशीनों की मदद से अंडरग्राउंड टनल बनाई जाती है. जब रेलवे से मंजूरी नहीं मिली थी तब काम रोक दिया गया था. अब अनुमति मिलने के बाद फिर से मशीनों के जरिए खुदाई शुरू की जाएगी.
रेलवे लाइन के नीचे से गुजरेगी टनल
यह टनल मोइनुल हक स्टेडियम से शुरू होकर पटना-हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन के नीचे से गुजरेगी. इसके बाद यह राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल के नीचे से होते हुए कंकड़बाग ओल्ड बाइपास के नीचे बन रहे राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन तक पहुंचेगी. रेलवे के ट्रैक के नीचे से टनल बनाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण काम माना जाता है. इसी कारण रेलवे ने सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद ही एनओसी जारी की है.
राजेंद्र नगर टर्मिनल के विकास की भी योजना
रेलवे भी राजेंद्र नगर टर्मिनल को विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है. इसी वजह से टनल के एलायनमेंट और भविष्य में होने वाले विकास कार्यों के प्रभाव का भी परीक्षण किया गया. सभी तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद रेलवे ने पटना मेट्रो को अनुमति दी है. इससे मेट्रो परियोजना और रेलवे के भविष्य के विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा.
कई हिस्सों में पहले ही बन चुकी है टनल
पटना मेट्रो कॉरिडोर-2 में पहले भी कई हिस्सों में टनल निर्माण का काम पूरा हो चुका है. मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय के बीच लगभग 1480 मीटर लंबी टनल तैयार हो चुकी है. वहीं गांधी मैदान से आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक करीब 1450 मीटर लंबी टनल भी बनाई जा चुकी है.
पटना का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा राजेंद्र नगर
राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन पटना मेट्रो का सबसे गहरा स्टेशन होगा. यहां मेट्रो ट्रेन जमीन से करीब 21 मीटर नीचे से गुजरेगी. इसकी वजह यहां मौजूद रेलवे ट्रैक है. यह स्टेशन खास इसलिए भी होगा क्योंकि यह सीधे राजेंद्र नगर रेलवे टर्मिनल से जुड़ा रहेगा. इससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच आसानी से आवागमन की सुविधा मिलेगी.
यात्रा होगी और आसान
पटना जंक्शन मेट्रो स्टेशन को इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां रेड लाइन और ब्लू लाइन आपस में जुड़ेंगी. इससे दानापुर से खेमनीचक और न्यू ISBT तक सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा. पटना मेट्रो परियोजना पूरी होने के बाद शहर के यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
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