महाकुंभ की भीड़ से पटना जंक्शन फूल, ट्रेनों में अफरातफरी और पथराव से दहशत

Mahakumbh: महाकुंभ के समापन के करीब आते ही पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. रेलवे प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए, लेकिन प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची. वहीं, रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में सीट को लेकर मारपीट और पथराव की घटना से यात्री दहशत में आ गए.

Mahakumbh: जैसे-जैसे महाकुंभ के समापन का समय नजदीक आ रहा है, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ रही है. सोमवार को पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर टर्मिनल पर हजारों यात्रियों की भीड़ के कारण अफरातफरी का माहौल रहा. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए, लेकिन प्लेटफॉर्म पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची.

रातभर होते रहा ट्रेनों का संचालन

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यात्रियों को सर्कुलेटिंग और होल्डिंग एरिया में रोका गया. प्लेटफॉर्म पर सिर्फ उन्हीं यात्रियों को जाने दिया गया, जिनकी ट्रेन निर्धारित समय पर थी. इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि अफरातफरी मची रही. रात 12 बजे तक रूटीन ट्रेनों के अलावा तीन स्पेशल ट्रेनों से करीब 60 हजार यात्री प्रयागराज के लिए रवाना हुए.

ट्रेनों में भीषण भीड़, सुविधाओं का टोटा

सोमवार को संपूर्णक्रांति और मगध एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में सामान्य से कई गुना अधिक भीड़ देखने को मिली. खासकर स्लीपर कोच में यात्री एक-दूसरे पर लदे नजर आए. ट्रेनों में पानी की कमी, शौचालय तक पहुंचने में दिक्कत और ठंड के बावजूद यात्रियों का पसीने से भीग जाना आम नजारा बन गया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, महाशिवरात्रि के चलते भीड़ में और बढ़ोतरी हो सकती है.

देर से चल रही ट्रेनें, यात्रियों की परेशानी बढ़ी

महाकुंभ की वजह से कई महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गईं. तेजस राजधानी एक्सप्रेस पांच घंटे, संपूर्णक्रांति आठ घंटे, श्रमजीवी छह घंटे, पूर्वा एक्सप्रेस नौ घंटे और महानंदा एक्सप्रेस 19 घंटे की देरी से पहुंची. ट्रेनों के देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

जनशताब्दी एक्सप्रेस में मारपीट और पथराव से दहशत

रविवार रात गया-मानपुर रेलखंड के ईश्वर चौधरी हॉल्ट पर रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस में सीट को लेकर दो यात्रियों के बीच मारपीट हो गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए. स्थिति बिगड़ने पर कुछ बदमाशों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया और उतरकर पथराव शुरू कर दिया. इस हमले में खिड़कियों के शीशे टूट गए और यात्रियों में दहशत फैल गई.

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रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता, लेकिन चुनौतियां बरकरार

रेलवे प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की है, लेकिन भीड़ का दबाव इतना अधिक है कि अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है. आने वाले दिनों में महाकुंभ और महाशिवरात्रि के कारण यह संकट और गहरा सकता है. रेलवे यात्रियों से अपील कर रहा है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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