पटना जंक्शन पर फर्जी पुलिस बन 22.50 लाख की लूट, इसके बाद हुई बड़ी कार्रवाई, पूरा मामला जानिए

Patna Junction: पटना जंक्शन पर फर्जी रेल पुलिस बनकर आभूषण कारोबारी से 22.50 लाख रुपये लूटने वाले दो आरोपियों को रेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों से 19.50 लाख रुपये बरामद हुए हैं. लूट के बाद दोनों कोलकाता भाग गए थे, जहां से उन्हें पकड़ लिया गया.

Patna Junction: पटना जंक्शन पर गहना कारोबारी से फर्जी रेल पुलिस बन कर 22.50 लाख रुपये लूटने वाले दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इनके पास से 19 लाख 500 रुपये बरामद किये गये है. रेल पुलिस ने इनकम टैक्स को भी इसकी जानकारी दी है. गिरफ्तार आरोपितों में नालंदा के बिहारशरीफ थाने के खैराबाद निवासी बसंत केवट का बेटा राजा और खुसरुपुर थाने का सफीपुर निवासी हरिवंश का बेटा दीपक कुमार शामिल हैं.

क्या बोले रेल एसपी

रेल एसपी डॉ इनामुल हक ने गुरुवार को बताया कि दीपक इस गैंग का मुख्य सरगना है. लूट के बाद दोनों नये साल का जश्न मनाने कोलकाता फरार हो गये थे. पुलिस जांच में जुट गयी थी और फुटेज भी सभी को भेज चुकी थी. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दोनों कोलकाता रवाना हो गये हैं. इसके बाद तुरंत पटना जंक्शन रेल पुलिस तुरंत कोलकाता जंक्शन पहुंची. जैसे ही वे दोनों प्लेटफॉर्म पर उतरे, पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया. घटना बीते 29 दिसंबर को हुई थी, जब धीरज अपने स्टाफ के साथ पैसा लेकर पटना जंक्शन पहुंचे थे.

ट्रेन में ही दोनों ने ही 11-11 लाख रुपये बांट लिये थे

मिली जानकारी के अनुसार बैग में कुल 58 लाख रुपये थे. दोनों इतने पैसा देख कर दंग रह गये. उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि पैसा आखिर ले कैसे जाये. दोनों जल्दी-जल्दी बैग खोल कर अपने शरीर के अलग-अलग हिस्से और पॉकेट में पैसा भरने लगे.

दोनों ने कुल 22.50 लाख रुपये पूरे शरीर में भर लिये. इसके बाद वहां से निकल गये. कुछ पैसा और भी दोनों ने निकाला था, जो ट्रेन में कहीं छुपा दिया. बाद में जब दोनों वहां पहुंचे, तो देखा कि ट्रेन निकल गयी. दोनों करबिगहिया में किराये के मकान में रहते हैं.

गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में पता चला कि दीपक पैसा लेकर सीधा नालंदा अपने घर निकल गया और अपने आंगन में जमीन खोद कर पैसा उसमें छिपा दिया. वहीं, राजा पैसा लेकर अपने घर खुसरूपुर चला गया. वहां उसने पूरा पैसा जब बीबी के हाथ में दिया, तो वह बेहोश हो गयी. उसे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें. इसके बाद दोनों वहां से कोलकाता के लिए रवाना हो गये. गिरफ्तारी के बाद दोनों के पास से पुलिस ने रुपये बरामद किये और गुरुवार को जेल भेज दिया.

फर्जी पुलिस बन स्टेशन पर शराब तस्करों से वसूलते थे रुपये

जांच में यह बात सामने आयी कि ये दोनों पहले जंक्शन पर ही पानी बेचते थे. इस दौरान रेल पुलिस की जांच करने के तौर-तरीकों को सीखा बाद में वर्दी खरीद फर्जी पुलिस वाला बन गया. मिली जानकारी के अनुसार दीपक शराब तस्करों पर नजर रखता था. राजा के नंबर को उसने जीआरपी थानाध्यक्ष से मोबाइल में सेव कर रखा था. दीपक मौके से उसको फोन करता था और शराब तस्करों को कहता था कि वह जीआरपी एसएचओ को फोन कर बुला रहा है. इसी तरह डरा-धमका वसूली करता था.

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राजा की पत्नी ने बाकी के रुपये खर्च किये

राजा ने पत्नी को जो रुपये दिये थे, उनमें से कुछ उसने खर्च कर दिये और कुछ रुपये किसी को दे दिये. पुलिस अब इस मामले में और भी जानकारी जुटा रही है. कैश या फिर उससे खरीदी गयी कोई चीज के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस ने दोनों लुटेरों के परिवार वालों से पूछताछ की है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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