पटना गंगा को गंदगी से बचाने की बड़ी तैयारी, दीघा STP को राजीव नगर और बाबा चौक नाला से भी एसपीएस से जोड़ा

Patna News: पटना में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए दीघा एसटीपी की क्षमता बढ़ाकर 80 एमएलडी कर दी गई है. राजीव नगर और बाबा चौक नाला को भी सीवेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) के माध्यम से दीघा एसटीपी से जोड़ दिया गया है. इस व्यवस्था से अधिक सीवेज पानी का शोधन होगा और बिना ट्रीटमेंट वाला गंदा पानी गंगा में जाने से रोका जा सकेगा.

Patna News: (हिमांशु देव की रिपोर्ट)
राजधानी पटना में सीवरेज प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) ने दो नए सीवरेज पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) तैयार किए हैं. इनका सफल ट्रायल पूरा हो चुका है और 15 जून के बाद से दोनों स्टेशन नियमित रूप से काम करने लगेंगे. इससे मानसून के दौरान राजीव नगर, बोरिंग रोड, एसके पुरी, आनंदपुरी, पाटलिपुत्र, अटल पथ और आसपास के इलाकों में जलजमाव की समस्या कम होने की उम्मीद है.

बिना सड़क खुदाई के पहुंचेगा सीवेज एसटीपी तक

बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर के निर्देश पर दोनों परियोजनाओं में इंटरसेप्शन एंड डाइवर्जन मॉडल अपनाया गया है. इस तकनीक के तहत नालों के पानी को सीधे सीवरेज पंपिंग स्टेशन के माध्यम से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तक पहुंचाया जाता है. इससे सड़कों की खुदाई की जरूरत नहीं पड़ती और निर्माण कार्य कम समय व लागत में पूरा हो जाता है.

बाबा चौक नाला का पानी भी किया डायवर्ट

राजीव नगर में 103 एमएलडी क्षमता वाला नया सीवरेज पंपिंग स्टेशन बनाया गया है. यह स्टेशन राजीव नगर, कुर्जी और आसपास के क्षेत्रों के सीवेज पानी को दीघा एसटीपी तक पहुंचाएगा. वहीं एएन कॉलेज पानी टंकी के पास 104 एमएलडी क्षमता का दूसरा एसपीएस बनाया गया है. इसके जरिए आनंदपुरी नाला और बाबा चौक क्षेत्र के नालों का पानी भी डायवर्ट होकर दीघा एसटीपी पहुंचेगा. इससे आनंदपुरी, राजीव नगर और आसपास के इलाकों में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी. दोनों एसपीएस से आने वाला पानी दीघा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में उपचारित किया जाएगा.

अब तक 50 एमएलडी तक दीघा STP में पानी हो रहा था ट्रीट

दीघा एसटीपी की कुल क्षमता 100 एमएलडी है. पहले यहां औसतन 40 से 50 एमएलडी सीवेज पानी का ही उपचार हो पाता था, लेकिन नए एसपीएस शुरू होने के बाद उपचार की मात्रा बढ़कर 70 से 80 एमएलडी तक पहुंच जाएगी. इससे शहर की जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और गंगा नदी में जाने वाला पानी भी अधिक मात्रा में उपचारित होकर पहुंचेगा. बुडको ने मानसून को देखते हुए अधिकारियों को दोनों एसपीएस को लगातार चालू रखने और आवश्यक संसाधनों के साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार रखने का निर्देश दिया है, ताकि लोगों को जलजमाव और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का सामना न करना पड़े.

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Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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