Government Job Fraud Gang: सचिवालय थाना पुलिस ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस मामले में खुद को अधिकारी बताने वाले एक जालसाज समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये आरोपितों में कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के आजमपुर गोला निवासी अजय कुमार शुक्ला और बांका के शंभूगंज निवासी राजा कुमार शामिल हैं. दोनों आपस में बहनोई-साला हैं.
पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो जोड़ी पुलिस और सचिवालय कर्मी की वर्दी, दो फर्जी आइकार्ड, दो फर्जी प्रशस्ति पत्र समेत अन्य सामान बरामद किया है. पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क और सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
समाज कल्याण विभाग परिसर में पकड़ा गया जालसाज
पुलिस के अनुसार, समाज कल्याण विभाग परिसर में एक व्यक्ति लोगों को नौकरी दिलाने का दावा कर ठगी कर रहा था. वह वीडियो कॉल पर बाल विकास परियोजना अधिकारी की नियुक्ति से जुड़ा एक फर्जी बैनर दिखा रहा था. संदेह होने पर विभाग के एक पदाधिकारी ने उससे पूछताछ की.
पूछताछ में उसने अपनी पहचान कटिहार जिले के मनिहारी निवासी अजय कुमार शुक्ला के रूप में दी. उसने खुद को स्वास्थ्य विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी बताया और एक फर्जी आइ-कार्ड भी दिखाया. विभाग की ओर से जांच करने पर पता चला कि इस नाम का कोई अधिकारी वहां कार्यरत नहीं है. इसके बाद उसे सचिवालय थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया.
पूछताछ में सामने आया साले का नाम
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने अजय कुमार शुक्ला से पूछताछ की. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रैकेट के एक अन्य सदस्य बांका निवासी राजा कुमार का नाम सामने आया. इसके बाद पुलिस ने राजा कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. राजा, अजय कुमार शुक्ला का साला है.
पुलिस के अनुसार, अजय कुमार शुक्ला खुद को प्रशाखा पदाधिकारी बताता था, जबकि अपने साले राजा कुमार को पुलिस कांस्टेबल के रूप में पेश करता था. अजय सचिवालय कर्मी की वर्दी पहनता था, जबकि राजा पुलिस की वर्दी में रहकर लोगों को झांसे में लेता था.
सचिवालय और पुलिस में नौकरी का देते थे झांसा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित सीधे-साधे युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते थे. नौकरी के नाम पर लोगों के बीच अपनी पहचान और प्रभाव बनाने के लिए आरोपित अधिकारी और पुलिसकर्मी की भूमिका निभाते थे.
पुलिस ने बरामद सामान को जांच का हिस्सा बनाया है. अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है.
