पटना में तमिलनाडु महालक्ष्मी मंदिर की थीम पर बनेगा 80 फुट ऊंचा दुर्गा पूजा पंडाल, कोलकाता के प्रसिद्ध कारीगर करेंगे तैयार, जानिए खासियत

Kadamkuan Durga Puja Pandal : पटना के कदमकुआं में इस बार दुर्गा पूजा खास होने वाली है. श्री श्री नवयुवक दुर्गा पूजा समिति तमिलनाडु के मदुरै स्थित महालक्ष्मी मंदिर की थीम पर 80 फुट ऊंचा पंडाल बना रही है. जानें इस बार की पूजा की खासियतें.

Kadamkuan Durga Puja Pandal : पटना के कदमकुआं स्थित डोमन भगत लेन में इस बार दुर्गापूजा का पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है. श्री श्री नवयुवक दुर्गा पूजा समिति की ओर से तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर की थीम पर भव्य पंडाल तैयार किया जा रहा है. पंडाल की थीम और सजावट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.

80 फुट ऊंचा और 42 फुट चौड़ा होगा पंडाल

पूजा समिति के अनुसार पंडाल करीब 80 फुट ऊंचा और 42 फुट चौड़ा होगा. इसके निर्माण में पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जायेगा. पंडाल का प्रारूप कोलकाता के प्रसिद्ध कारीगर विक्की मल्लिक तैयार करेंगे, जबकि ढांचे के निर्माण की जिम्मेदारी पटना के सुरेंद्र प्रसाद की देखरेख में होगी.

कोलकाता से आएंगी सजावट की कई सामग्री

पंडाल की सजावट और साज-सज्जा से जुड़ी कई सामग्री कोलकाता से तैयार होकर पटना पहुंचेगी. वहीं, पूजास्थल पर आकर्षक प्रकाश और ध्वनि व्यवस्था की जिम्मेदारी गोपाल केशरी संभालेंगे. आयोजकों का प्रयास है कि पंडाल में थीम के अनुरूप सजावट और रोशनी के जरिए श्रद्धालुओं को अलग अनुभव दिया जा सके.

दुर्गोत्सव पर खर्च होंगे करीब 40 लाख रुपये

समिति के अनुसार इस वर्ष दुर्गापूजा आयोजन पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. पंडाल निर्माण, सजावट, रोशनी, पूजा और अन्य आयोजन इसी बजट के तहत किये जा रहे हैं. आयोजन को लेकर समिति के सदस्य तैयारियों में जुटे हैं.

21 फुट की भारत माता की प्रतिमा होगी खास आकर्षण

इस पूजा की सबसे खास पहचान भारत माता का पूजन भी है. इस बार पूजास्थल पर करीब 21 फुट ऊंची भारत माता की प्रतिमा स्थापित की जायेगी. प्रतिमा का निर्माण बिट्टू पंडित करेंगे. दुर्गापूजा के साथ भारत माता की पूजा की परंपरा इस समिति की अलग पहचान रही है.

1957 से लगातार हो रहा है पूजा का आयोजन

श्री श्री नवयुवक दुर्गा पूजा समिति की ओर से वर्ष 1957 से लगातार दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है. यानी समिति के स्तर पर यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है. दुर्गापूजा के साथ भारत माता की पूजा भी आयोजन का हिस्सा रही है, जिसे समिति अपनी विशिष्ट परंपरा मानती है.

कभी व्यंग्यात्मक कार्टून रहा था पूजा का आकर्षण

समिति की एक अन्य खास पहचान सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर आधारित व्यंग्यात्मक कार्टून रहे हैं. हालांकि, समिति के अनुसार तत्कालीन सरकार के हस्तक्षेप के बाद कार्टून का प्रदर्शन बंद कर दिया गया. इसके बावजूद पूजा आयोजन की पुरानी परंपराएं और सामाजिक जुड़ाव अब भी समिति के कार्यक्रम का हिस्सा हैं.

अष्टमी-नवमी को मिलेगा हलुआ, पूरी और चना का प्रसाद

अष्टमी और नवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच हलुआ, पूरी और चना का प्रसाद वितरित किया जायेगा. इसके अलावा शांति पूजा के अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जायेगा. समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं.

समिति के सदस्य संभाल रहे आयोजन की जिम्मेदारी

पूजा आयोजन की जिम्मेदारी समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता संभाल रहे हैं. समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा भोला, महासचिव रवि कुमार पटेल, सचिव चंदन भदानी सत्या, उपाध्यक्ष रंजन मंडल और अर्जुन कुमार सूरी हैं. आदित्य, अमन केशरी, अमित केशरी समेत अन्य कार्यकर्ता भी आयोजन की तैयारियों में शामिल हैं.

दुर्गोत्सव 2026 में दिखेगा भव्य रूप

कदमकुआं के डोमन भगत लेन में इस बार दुर्गोत्सव 2026 में 80 फुट ऊंचे पंडाल के साथ 21 फुट की भारत माता की प्रतिमा विशेष आकर्षण रहेगी. महालक्ष्मी मंदिर की थीम, कोलकाता की सजावटी सामग्री और विशेष प्रकाश व्यवस्था के साथ समिति अपने पुराने आयोजन को इस वर्ष नए रूप में पेश करने की तैयारी में है.

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By साक्षी कुमारी

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