पटना में रिचार्ज का पैसा रिफंड कराने के चक्कर में गंवाए 4.52 लाख रुपये, साइबर पुलिस ने लौटाए 1.13 लाख

Patna Cyber Crime: मोबाइल रिचार्ज फेल होने पर पैसा रिफंड कराने के प्रयास में गांधी मैदान निवासी प्रकाश विभूति साइबर ठगी का शिकार हो गए. ठगों ने फर्जी कस्टमर केयर बनकर एक एप डाउनलोड कराया और 10 रुपये का रिचार्ज करवाने के बाद उनके खाते से 4.52 लाख रुपये निकाल लिए. साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई कर 1.13 लाख रुपये वापस करा दिए हैं.

Patna Cyber Crime: (पटना से नितिश सिंह की रिपोर्ट) साइबर बदमाशों ने गांधी मैदान इलाके के रहने वाले प्रकाश विभूति के खाते से 4.52 लाख रुपये की निकासी कर ली थी. इस मामले में साइबर थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 1.13 लाख रुपये वापस करा दिए हैं. घटना को लेकर पांच सितंबर 2025 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी.

रिचार्ज फेल होने के बाद खोजा कस्टमर केयर नंबर

प्रकाश विभूति ने अपने मोबाइल नंबर पर रिचार्ज कराया था, लेकिन रिचार्ज सफल नहीं हुआ और खाते से पैसे कट गए. राशि वापस पाने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर कस्टमर केयर का नंबर खोजकर संपर्क किया. इसी दौरान वह साइबर ठगों के जाल में फंस गए.

10 रुपये का रिचार्ज बन गया ठगी का जरिया

साइबर अपराधियों ने प्रकाश विभूति को एक एप डाउनलोड करने के लिए कहा और 10 रुपये का रिचार्ज करने को कहा. जैसे ही उन्होंने निर्देश का पालन किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया. इसके बाद ठगों ने उनके बैंक खाते से 4.52 लाख रुपये निकाल लिए.

साइबर पुलिस की कार्रवाई से मिली आंशिक राहत

मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1.13 लाख रुपये होल्ड कराकर पीड़ित के खाते में वापस करा दिए. शेष राशि की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई जारी है.

सावधानी ही बचाव

साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए गूगल पर मिले अज्ञात कस्टमर केयर नंबरों पर भरोसा न करें. किसी भी अनजान लिंक, एप या भुगतान संबंधी निर्देश का पालन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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