Patna Police Encounter: (अजय कुमार की रिपोर्ट)
शुक्रवार की देर शाम मसौढ़ी के मणिचक और सोनकुकरा भोजपुर के सीमा के पास पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में अपराधी मोहम्मद हैदर अली गंभीर रूप से जख्मी हो गया था. बाद में पटना के प्राइवेट अस्पताल में उसकी मौत हो गई. इसके बाद आज शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हैदर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया. प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजनों ने बताया कि उसे मसौढ़ी में ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
वहीं इस मुठभेड़ में जख्मी हुए प्रभारी थानाध्यक्ष राहुल कुमार और एएसआई संजय कुमार का उपचार पटना एम्स में चल रहा है. दोनों की स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है. फिलहाल, सोनकुकरा स्थित हैदर के घर पर मातम पसरा है और परिजन कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं.
जांच टीम को घटनास्थल से मिले अहम सुराग
शनिवार सुबह से ही मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती के नेतृत्व में पुलिस की टीम दोबारा घटनास्थल की सघन जांच कर रही है. अब तक पुलिस ने झाड़ियों से कुल चार खोखे बरामद किए हैं. इसके अलावा, मौके से एक अपराधी की चप्पल भी मिली है, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया है. पुलिस इन साक्ष्यों को अपनी प्राथमिकी (एफआईआर) का आधार बना रही है.
यह खबर पढ़कर जानिए क्या है मामला
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हैदर के इलाज के लिए कई अस्पताल घूमते रहे साथी
पुलिस की गोली लगने के बाद हैदर के साथियों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन समय पर इलाज न मिलने से उसकी जान चली गई. सूत्रों के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद उसके साथी उसे लेकर पुनपुन पीएचसी पहुंचे, लेकिन पुलिस जख्म रिपोर्ट (इंजरी रिपोर्ट) न होने के कारण वहां उपचार नहीं हो सका. इसके बाद बदमाश उसे परसा बाजार व रामकृष्णानगर होते बाइपास व कंकड़बाग में निजी क्लीनिकों में ले गए, लेकिन वहां भी भर्ती नहीं किया गया. अंततः पारस अस्पताल पहुंचने तक अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हैदर की मौत हो गई, जिसके बाद उसके साथी शव को वहीं छोड़ फरार हो गए. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य की पहचान के लिए छापेमारी कर रही है.
इकलौता बेटे को अपराध की दुनिया से बचाना चाहते थे पिता
मिली जानकारी के अनुसार मृतक मोहम्मद हैदर अली, सोनकुकरा निवासी मोहम्मद मुजफ्फर आलम का इकलौता पुत्र था. मुजफ्फर आलम पटना में मैकेनिक का काम करते हैं. बताया जा रहा है कि हैदर को अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए पिता ने फुलवारी शरीफ में घर बनाया था और वहां शिफ्ट होने की योजना बना रहे थे, ताकि हैदर की संगति बदल सके. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और उनकी यह योजना अधूरी ही रह गई.
चार गंभीर मामले थे दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हैदर अपराध की दुनिया में काफी सक्रिय था. मसौढ़ी थाने में ही उसके खिलाफ 18 मार्च 2025 से 16 मई 2026 के बीच चार गंभीर मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, डकैती, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं. थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि अन्य थानों से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है.
