Patna Coaching Registration NOC, अंबर: पटना जिले में कोचिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन को लेकर चौंकाने वाली स्थिति सामने आयी है. जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार पटना सदर प्रखंड में फिलहाल केवल चार कोचिंग संस्थानों को ही एनओसी जारी की गयी है. जबकि बाजार समिति, मुसल्लाहपुर हाट, भिखना पहाड़ी, अशोक राजपथ और महेंद्रू इलाकों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं.
खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया
जिला शिक्षा कार्यालय के मुताबिक मुसल्लाहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है. संस्थान की स्थल जांच की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उसे एनओसी जारी नहीं की गयी है. दूसरी ओर मुसल्लाहपुर हाट में संचालित ज्ञान बिंदु कोचिंग का अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. विभागीय जानकारी के अनुसार इस संस्थान की ओर से रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई भी नहीं दिया गया है.
बोरिंग रोड स्थित खान सर कोचिंग के संबंध में भी जिला शिक्षा कार्यालय का कहना है कि वहां से अब तक रजिस्ट्रेशन के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है.
पांच महीने से बंद है ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल
पटना में कोचिंग संस्थानों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पिछले पांच महीनों से ठप पड़ी है. इसके कारण नए संस्थानों और संचालकों को पंजीकरण कराने में काफी परेशानी हो रही है.
जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार फरवरी 2025 में जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था. पोर्टल शुरू होने के बाद ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था बंद कर दी गयी थी. हालांकि करीब एक वर्ष बाद फरवरी 2026 में यह पोर्टल बंद हो गया.
कई बार पत्र भेजने के बाद भी चालू नहीं किया गया
बताया गया है कि पोर्टल के संचालन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को दी गयी थी. विभाग का कहना है कि पोर्टल दोबारा शुरू कराने के लिए जिला पदाधिकारी को कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक इसे चालू नहीं किया जा सका है. ऐसे में न तो ऑनलाइन आवेदन हो पा रहा है और न ही ऑफलाइन आवेदन लिये जा रहे हैं. इससे कोचिंग संचालकों को रोजाना जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
पोर्टल शुरू होने के बाद मिले थे 38 आवेदन
जिला शिक्षा कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार पटना जिले में अब तक कुल 529 कोचिंग संस्थान रजिस्टर्ड हैं. फरवरी 2025 में पोर्टल शुरू होने के बाद 38 आवेदन प्राप्त हुए थे.
इनमें से जांच के बाद 16 कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों पर खरे पाये गये. वहीं 12 आवेदनों की जांच प्रक्रिया अभी भी चल रही है. इनमें 10 आवेदन पटना सदर और दो आवेदन बाढ़ प्रखंड से जुड़े हैं.
इसके अलावा दानापुर प्रखंड से एक आवेदन प्राप्त हुआ था, लेकिन आवश्यक मानकों को पूरा नहीं करने के कारण उसे अस्वीकार कर दिया गया.
पांच सदस्यीय समिति करती है जांच
कोचिंग संस्थानों से आवेदन मिलने के बाद उनकी जांच जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय समिति करती है. इस समिति में जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और मगध महिला कॉलेज के प्राचार्य शामिल होते हैं.
समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुमंडल पदाधिकारी अंतिम रिपोर्ट तैयार करते हैं. इसके बाद यह रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जाती है, जहां से एनओसी और रजिस्ट्रेशन पर अंतिम निर्णय लिया जाता है.
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बिना रजिस्ट्रेशन चलाने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना
नियमों के अनुसार बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संस्थान चलाने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा संबंधित संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का भी प्रावधान है.
नये रजिस्ट्रेशन के लिए 15 हजार रुपये और नवीनीकरण के लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. कोचिंग भवन का क्षेत्रफल कम से कम 500 वर्गफीट होना चाहिए और भवन की ऊंचाई नौ मीटर से कम नहीं होनी चाहिए.
इसके साथ ही विद्यार्थियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह, अलग-अलग शौचालय और आग से बचाव के सभी जरूरी इंतजाम होना अनिवार्य है. तभी किसी कोचिंग संस्थान को रजिस्ट्रेशन और एनओसी मिल सकती है.
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