पटना: फुलवारी शरीफ के स्कूलों में बच्चों ने कबाड़ से बनाई राखियां; ग्रीन डे-सावन उत्सव में गीत-नृत्य से बिखरी संस्कृति की छटा

फुलवारी शरीफ के स्कूलों में बच्चों ने 'सुखद शनिवार' के तहत कबाड़ से सुंदर राखियां बनाकर रचनात्मकता और स्वच्छता का संदेश दिया. वहीं, ग्रीन डे-सावन उत्सव में हरियाली, पर्यावरण और भारतीय संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की गई.

Patna News : फुलवारी शरीफ के स्कूलों में शनिवार का दिन बच्चों के लिए पढ़ाई से अलग रचनात्मक गतिविधियों और सीखने का अवसर लेकर आया. एक ओर बच्चों ने ‘सुखद शनिवार’ के तहत कबाड़ से सुंदर राखियां बनाकर स्वच्छता और रचनात्मकता का संदेश दिया, तो दूसरी ओर कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर में ग्रीन डे सह सावन उत्सव के दौरान बच्चों ने हरियाली, पर्यावरण और भारतीय संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की.

कबाड़ से राखियां बनाकर बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता

शिक्षिका नीतू शाही के मार्गदर्शन में आयोजित ‘सुखद शनिवार’ कार्यक्रम में बच्चों को नियमित पढ़ाई से अलग अपनी रुचि के अनुसार रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर दिया गया. रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण इस बार बच्चों ने कबाड़ और अनुपयोगी सामग्री का इस्तेमाल कर आकर्षक राखियां तैयार कीं.

स्वच्छता और जीव-जंतुओं से प्रेम का दिया संदेश

शिक्षिका नीतू शाही ने बताया कि शनिवार को बच्चों को स्वच्छता, जीव-जंतुओं से प्रेम, कबाड़ से जुगाड़ कर क्राफ्ट तैयार करने, डांस, गीत और अन्य गतिविधियों के जरिए सीखने का मौका दिया जाता है. इससे बच्चों में छिपी प्रतिभा सामने आती है और पढ़ाई के साथ जीवन से जुड़ी उपयोगी बातें सीखने का अवसर मिलता है. बच्चे पूरे सप्ताह ‘सुखद शनिवार’ का इंतजार करते हैं.

ग्रीन डे में हरे रंग से सजा विद्यालय परिसर

वहीं, कुमुदिनी शिशु विद्या मंदिर, पुलिस कॉलोनी, अनीसाबाद में ग्रीन डे सह सावन उत्सव का आयोजन किया गया. विद्यालय परिसर को हरे रंग की सजावट, पौधों, पत्तियों, फूलों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों से सजाया गया था. छात्र-छात्राएं हरे रंग की आकर्षक पोशाक पहनकर विद्यालय पहुंचे.

गीत-नृत्य से बच्चों ने बिखेरी सावन की छटा

नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत, नृत्य और विभिन्न रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश दिया. सावन उत्सव में पारंपरिक गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भारतीय लोक संस्कृति के रंग भर दिए. सावन की हरियाली, झूले और लोकगीतों से जुड़ी झलकियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों को खास बना दिया.

पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पेड़-पौधों के महत्व, स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया. शिक्षिकाओं ने बताया कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है. बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया गया.

पढ़ाई के साथ संस्कृति और प्रकृति से जुड़ना जरूरी

विद्यालय की प्रबंध निदेशक उषा कुमारी ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ उन्हें प्रकृति, पर्यावरण, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी जरूरी है. ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं.

प्रधानाचार्या अंकिता कुमारी ने कहा कि ग्रीन डे और सावन उत्सव बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ सीखने का भी अवसर है. बचपन से ही बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है.

Also Read : पटना: डेयरी विकास में विश्वास-पारदर्शिता जरूरी, सीधे बैंक खाते में भुगतान से बिहार मॉडल की सराहना: कॉम्फेड अध्यक्ष



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अजीत कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >