Patna Bribery Case : पटना में रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में निगरानी की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. बिहटा थाना के तत्कालीन एएसआई बद्री राम को 13 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा मिली है. अदालत ने दोषी पर 26 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. यह कार्रवाई वर्ष 2011 में निगरानी टीम की ट्रैप कार्रवाई के बाद शुरू हुई थी.
कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सश्रम सजा
निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने शुक्रवार को पटना रिश्वत मामले में फैसला सुनाते हुए बिहटा थाना के तत्कालीन एएसआई बद्री राम को तीन वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया.
26 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना
अदालत ने दोषी बद्री राम पर 26 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. फैसले के अनुसार जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन माह अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी.
ट्रक रिलीज कराने के नाम पर मांगी थी रिश्वत
मामले के अनुसार, तत्कालीन एएसआई बद्री राम ने एक ट्रक को रिलीज कराने के लिए एमवीआई जांच के संबंध में अनुरोध पत्र भेजने के एवज में 13 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले में कार्रवाई की योजना बनाई.
2011 में निगरानी टीम ने किया था गिरफ्तार
विशेष लोक अभियोजक प्रभारी ट्रैप केसेस किशोर कुमार सिंह के अनुसार, निगरानी अधिकारियों ने 3 सितंबर 2011 को बद्री राम को 13 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इसके बाद मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी और अदालत में ट्रायल चला.
अभियोजन पक्ष के 10 गवाहों ने दी गवाही
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 लोगों ने गवाही दी. गवाहों और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना.
