Bihar Crime: पटना में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान सुल्तानगंज इलाके में व्यापारी की हत्या के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जिस सरकार को कानून व्यवस्था संभालनी चाहिए, वही अब अपराधियों के लिए माहौल बना रही है. तेजस्वी ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
ब्लैकआउट के दौरान हत्या पर सरकार घिरी
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि बिहार में सरकार अब आधिकारिक रूप से अपराधियों की मददगार बन चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ब्लैकआउट कराया और अपराधियों ने उसी अंधेरे को मौके में बदलकर व्यापारी की हत्या कर दी. उनके मुताबिक ब्लैकआउट शुरू होने के महज पांच मिनट बाद व्यापारी को गोली मारी गई, जिससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
तेजस्वी ने कहा कि ब्लैकआउट जैसे संवेदनशील अभ्यास के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे, लेकिन अपराधियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया और आसानी से फरार हो गए. उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सिर्फ सुरक्षा में चूक थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है.
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उच्चस्तरीय जांच की मांग
राजद नेता ने मांग की कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाए कि अपराधियों ने ब्लैकआउट के दौरान ही हत्या की योजना क्यों बनाई और क्या इस घटना में किसी स्तर पर सरकारी तंत्र की लापरवाही या मिलीभगत थी. तेजस्वी ने कहा कि सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.
गुरुवार शाम पटना समेत बिहार के छह जिलों में आपातकालीन तैयारी को लेकर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल कराई गई थी. शाम 7 बजे सायरन बजते ही बिजली बंद कर दी गई और 7 बजकर 15 मिनट पर सप्लाई बहाल हुई. इसी दौरान पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में अपराधियों ने एक व्यापारी को निशाना बनाकर गोली मार दी. गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए व्यापारी की बाद में मौत हो गई.
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे और अंधेरा होते ही वारदात को अंजाम देकर भाग निकले. इस घटना ने ब्लैकआउट ड्रिल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
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